अमित उपाध्याय
चिलकाना (सहारनपुर)। क्षेत्र के सुल्तानपुर स्थित दिशा सोशल ऑर्गेनाइजेशन के तत्वावधान में महिला मजदूर एवं लघु किसान संगठन का 35वां वार्षिक सम्मेलन बड़े उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और नारे, गीत तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांग पत्र भी पढ़कर सुनाया गया, जिसमें महिलाओं के अधिकार, महंगाई, रोजगार और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

रविवार को आयोजित इस सम्मेलन में संस्था के संस्थापक केएन तिवारी ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश में सामाजिक संगठनों के संघर्षों के कारण ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव हो पाए हैं। उन्होंने महिलाओं से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पूर्व चेयरमैन अकबर कुरैशी ने भी अपने विचार रखते हुए दिशा संगठन के कार्यकर्ताओं को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता लाने का कार्य करते हैं।
सम्मेलन के दौरान तसनीम बेगम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 11 सूत्रीय मांग पत्र पढ़ा। मांग पत्र में प्रमुख रूप से महिलाओं से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई, बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण, संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण, सरकारी नौकरियों में आरक्षण, महिला किसानों को सहखातेदार का दर्जा, मनरेगा का प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षा के अधिकार कानून के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने जैसी मांगें शामिल थीं।
इसके अलावा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि जब तक महिलाओं और किसानों को उनके अधिकार नहीं मिलते, तब तक इस प्रकार के आंदोलनों और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता बनी रहेगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी जानिसार ने दिशा संगठन द्वारा महिलाओं के हकों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक पहल बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्ष मंडल में ममता, राजवती, रुकैया, उर्मिला, कैलाशो, तुन्नी, रेणू, सोनिया, अलका, खुशनसीब, चक्रेश, रूपा, रिता, कुन्ता, काजल और अंजू सहित अनेक महिलाएं शामिल रहीं।
इस अवसर पर बालकृष्ण शर्मा, इकराम उर्फ लाला, शाहीन प्रवीन, पी. राम सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में हरीचंद, अरुण कुमार, सत्यम कुमार, रियासत अली, रोशन, दीपक, मैनवती, मोहिनी, सुनीता, मंजु, मुकेश, नीलम, सुमन, संभव, सुरेशो सैनी, रजिया सुल्तान, राज्जो, अनिरुद्ध, रजनीश और रामरती सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
सम्मेलन का समापन महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के संकल्प के साथ किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने एकजुट होकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया।








