सहारनपुर में 19 अप्रैल को भगवान परशुराम जयंती समारोह, लक्ष्मी नारायण मंदिर में होगा भव्य आयोजन

सहारनपुर में 19 अप्रैल को भगवान परशुराम जयंती समारोह लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित होगा। परशुराम दल की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय, साथ ही यूजीसी कानून को लेकर भी जताई नाराजगी।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। जनपद में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के तहत भगवान परशुराम जयंती को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। परशुराम दल संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 19 अप्रैल को भगवान परशुराम जयंती समारोह भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन लक्ष्मी नगर पंत विहार स्थित श्री लक्ष्मी नारायण परशुराम मंदिर में संपन्न होगा।

बैठक का आयोजन परशुराम दल के प्रदेशाध्यक्ष पंडित नरेंद्र शर्मा के आवास पर किया गया, जिसमें संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में जयंती समारोह की रूपरेखा तैयार की गई और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के महान प्रतीक हैं। उनके आदर्श, त्याग और धर्म की रक्षा के लिए किए गए कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि जयंती समारोह के माध्यम से समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मंदिर में होगा भव्य आयोजन

संगठन के सदस्यों ने बताया कि 19 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस समारोह में पूजा-अर्चना, हवन, भजन-कीर्तन तथा प्रसाद वितरण जैसे धार्मिक कार्यक्रम होंगे। साथ ही समाज के प्रबुद्ध लोगों द्वारा भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों पर विचार भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

कार्यक्रम को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने आम जनमानस से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाएं और भगवान परशुराम के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं।

यूजीसी कानून को लेकर जताई नाराजगी

बैठक में केवल जयंती समारोह ही नहीं, बल्कि यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) से जुड़े नए कानून को लेकर भी चर्चा की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने इस कानून को समाज के हित में नहीं बताया और सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

पदाधिकारियों का कहना था कि इस प्रकार के कानून शिक्षा व्यवस्था और समाज के संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए इस पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इस विषय पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा।

संगठित समाज की दिशा में पहल

बैठक में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज को संगठित होकर ही आगे बढ़ाया जा सकता है। भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में समानता, न्याय और धर्म की स्थापना की जा सकती है।

बैठक की अध्यक्षता पंडित नरेंद्र शर्मा ने की, जबकि संचालन संगठन के अन्य पदाधिकारियों द्वारा किया गया।

ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित

इस अवसर पर परशुराम दल के जिलाध्यक्ष पंडित राजेश शर्मा, पंडित अशोक कुमार शर्मा, पंडित नीरज पाराशर, पंडित अजय भारद्वाज, पंडित दिनेश शर्मा, पंडित हरिओम मिश्रा, पंडित राकेश मोहन शर्मा, पंडित मुकेश खजूर वाला, पंडित ललितेश शर्मा, पंडित अमित शर्मा, पंडित संदीप शर्मा, ललित उपाध्याय, उपेंद्र मोहन शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समाज को जोड़ने का माध्यम बनेगा आयोजन

कार्यक्रम को लेकर आयोजकों का मानना है कि यह जयंती समारोह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि समाज को जोड़ने और एकता का संदेश देने का भी माध्यम बनेगा।

सहारनपुर में इस आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है और लोग बड़ी संख्या में इसमें भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 19 अप्रैल को होने वाला यह समारोह किस तरह से समाज को एक नई दिशा देने में सफल होता है।

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