सहारनपुर सर्किट हाउस में मण्डलीय उद्योग बन्धु की बैठक, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर प्रशासन सख्त

सहारनपुर सर्किट हाउस में आयोजित मण्डलीय उद्योग बन्धु की बैठक में डीएम मनीष बंसल ने औद्योगिक विकास, पिलखनी क्षेत्र, सड़क चौड़ीकरण और निवेश मित्र पोर्टल के लंबित मामलों पर अहम निर्देश दिए।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। सर्किट हाउस सभागार में मण्डलीय उद्योग बन्धु की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष बंसल ने की, जिसमें उद्यमियों की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान औद्योगिक क्षेत्र पिलखनी से जुड़े कई अहम मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुकानों के भूखंडों के आवंटन हेतु ई-ऑक्शन प्रक्रिया को लेकर यूपीसीडा मुख्यालय से लगातार अनुश्रवण किया जाए, ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और निवेशकों को समय पर अवसर मिल सके।

इसके साथ ही पिलखनी मार्ग से पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-73 तक सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य को लेकर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि इस कार्य की निविदा 10 अप्रैल 2026 को खोली जानी प्रस्तावित है, इसलिए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विद्युत व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि सड़क चौड़ीकरण कार्य में बाधा बन रहे विद्युत पोलों के स्थानांतरण के लिए औद्योगिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि विकास कार्य बिना किसी अवरोध के समय पर पूर्ण हो सकें।

सुगत सोशल वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े भूखंड के पुनर्स्थापन का मामला भी बैठक में चर्चा का विषय रहा। इस प्रकरण के उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण जिलाधिकारी ने इसे फिलहाल स्थगित रखने के निर्देश दिए, ताकि न्यायालय के निर्णय के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जा सके।

इसके अलावा जनपद शामली में लंबित सड़क चौड़ीकरण के प्रकरण को लेकर लोक निर्माण विभाग को शासन स्तर पर अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए। वहीं राज्य कर विभाग को उद्यमियों के रिफंड से जुड़े मामलों का विस्तृत विवरण तैयार कर आगामी बैठक से पूर्व आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया। इसमें प्राप्त आवेदनों, निस्तारित मामलों, लंबित प्रकरणों और आपत्तियों की पूरी जानकारी शामिल करने के निर्देश दिए गए।

निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उद्यमियों को अनावश्यक देरी और परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए, इसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव और समस्याएं रखीं, जिन पर प्रशासन ने सकारात्मक रुख दिखाया। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी, उपायुक्त उद्योग अजय त्रिपाठी, एसीआई मुजफ्फरनगर आशीष कुमार, उपायुक्त उद्योग शामली रितिका गुप्ता, आईआईए के प्रतिनिधि सुनील सैनी, सीआईएस के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र में उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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