शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद/सहारनपुर। कथित आतंकी नेटवर्क और अवैध घुसपैठ से जुड़े एक संवेदनशील मामले में नया मोड़ सामने आया है। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक एवं हिंदूवादी नेता विकास त्यागी ने इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए देश के शीर्ष नेतृत्व को पत्र भेजा है।
विकास त्यागी ने अपने पत्र में न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया है, जिसमें अब तक की जांच पर असंतोष जताते हुए पुनः गहन विवेचना के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए इसकी निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
जानकारी के अनुसार अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, देवबंद द्वारा वाद संख्या 1905/2022 (सरकार बनाम तलहा तालुकदार बिन फारूख) की सुनवाई के दौरान पुलिस और एटीएस की जांच में कई विसंगतियां सामने आईं। न्यायालय ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक को मामले की दोबारा गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
मामले में यह भी सामने आया कि एक विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लंबे समय तक छात्रावास में रह रहा था। उसके पास से प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी बड़ी संख्या में संदिग्ध सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है। कोर्ट ने इस पहलू को गंभीर मानते हुए जांच एजेंसियों को सभी तथ्यों की पुनः पड़ताल करने को कहा है।
विकास त्यागी ने अपने पत्र में दारुल उलूम देवबंद की भूमिका की भी गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं और इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने यह भी मांग की कि जांच के दौरान संस्थान से जुड़े सभी रिकॉर्ड जब्त किए जाएं और कथित हवाला नेटवर्क की जांच प्रवर्तन निदेशालय से कराई जाए, ताकि आर्थिक पहलुओं का भी खुलासा हो सके।
विकास त्यागी द्वारा भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह मंत्रालय, खुफिया ब्यूरो (IB), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) तथा जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी भेजी गई है।
उन्होंने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और इससे जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा होना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक या अवैध गतिविधि पर सख्ती से कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल न्यायालय के निर्देश के बाद इस मामले में दोबारा जांच की प्रक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले समय में जांच के निष्कर्ष इस पूरे प्रकरण की वास्तविकता को सामने ला सकते हैं।








