शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । महानगर में नगर निगम की चेतावनी और लगातार चल रहे विशेष अभियान के बावजूद बड़ी संख्या में भवन स्वामी अब तक अपना गृहकर और जलकर जमा नहीं कर रहे हैं। स्थिति यह है कि करीब 40 हजार भवन स्वामियों पर नगर निगम का टैक्स बकाया है, जिससे निगम की राजस्व वसूली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार बीते वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन तक वसूली तेज करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संगीता गुप्ता ने बताया कि नगरायुक्त शिपु गिरि के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत 31 मार्च तक लगभग 70.47 करोड़ रुपये की वसूली की गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में करदाताओं ने अपनी बकाया राशि जमा नहीं कराई, जो चिंता का विषय बना हुआ है।
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो भवन स्वामी निर्धारित समय सीमा के भीतर टैक्स जमा नहीं कर पाए, वे 20 प्रतिशत की छूट से वंचित हो गए हैं। इतना ही नहीं, अब उन्हें बकाया राशि पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा। निगम प्रशासन ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी कि बकायेदारों के खिलाफ कुर्की, संपत्ति जब्ती और भवन सील करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब भी यदि करदाताओं ने जल्द भुगतान नहीं किया तो सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि कई सरकारी विभाग भी टैक्स जमा करने में पीछे हैं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार सरकारी अस्पतालों, लोक निर्माण विभाग, आयकर विभाग और डाकघर जैसे कई विभागों पर भी करोड़ों रुपये का बकाया है। इनमें सरकारी अस्पतालों पर ही लगभग दो करोड़ रुपये का टैक्स बकाया बताया जा रहा है।
हालांकि कुछ विभागों ने समय पर टैक्स जमा कर उदाहरण भी प्रस्तुत किया है। सहायक आयुक्त केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क कार्यालय ने करीब 1.55 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि मंडी परिषद ने 80 लाख रुपये, केंद्रीय भंडारण निगम ने 66 लाख रुपये और जिला विकास अधिकारी कार्यालय ने लगभग 22 लाख रुपये जमा कराए हैं। इन विभागों के समय पर भुगतान को नगर निगम ने सराहा है और अन्य विभागों को भी इससे प्रेरणा लेने की अपील की है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कई सरकारी विभागों द्वारा समय पर बजट प्रस्ताव शासन को न भेज पाने के कारण भुगतान में देरी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि नए वित्तीय वर्ष में समय से बजट प्रस्ताव तैयार कर भेजें, ताकि टैक्स भुगतान में देरी न हो और नगर निगम को समय पर राजस्व प्राप्त हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निगम की आय का बड़ा हिस्सा गृहकर और जलकर से ही आता है, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति मिलती है। यदि बड़ी संख्या में करदाता भुगतान नहीं करते हैं, तो इसका सीधा असर सड़क, सफाई, जलापूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर पड़ सकता है।
नगर निगम ने एक बार फिर आम नागरिकों और सभी संस्थानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना बकाया कर जमा कर दें, ताकि अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सके। साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व वसूली के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुल मिलाकर, सहारनपुर में टैक्स वसूली की स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। आने वाले दिनों में नगर निगम की सख्त कार्रवाई से हालात में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन इसके लिए करदाताओं का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है।








