शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद। देवबंद में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भारी किल्लत देखने को मिल रही है। तपती धूप के बीच लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल-ईरान तनाव और अमेरिका की भागीदारी के चलते ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव अब आम जनता पर भी दिखाई देने लगा है। बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की अनियमितता के कारण लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि व्यवस्था की कमी के कारण अव्यवस्था हावी हो गई है और आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कई उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसियों पर कालाबाजारी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके नाम पर सिलेंडर बुक होने के मैसेज तो आ जाते हैं, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिलता। वहीं, कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि एजेंसी स्तर पर ही सिलेंडर अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं।
गैस एजेंसी के बाहर मिले एक 75 वर्षीय बुजुर्ग ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन ने आम जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस स्थिति का असर आने वाले चुनावों में देखने को मिलेगा।
वहीं, गांव खजुरी निवासी मजदूर दीपक कुमार ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से अपनी दिहाड़ी छोड़कर सिलेंडर के लिए लाइन में लग रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें गैस नहीं मिल सकी है। उन्होंने बताया कि घर में खाना नहीं बन पा रहा है और बच्चे भूखे रहने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि जनता परेशान है, लेकिन कोई भी उनकी समस्याओं को सुनने के लिए आगे नहीं आ रहा।
देवबंद में गैस सिलेंडर की इस किल्लत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कब तक करता है और लोगों को राहत मिल पाती है या नहीं।








