शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में अवैध खनन के बढ़ते मामलों को लेकर किसान संगठनों का आक्रोश सामने आया है। चिलकाना रोड स्थित मदीहा गार्डन के पास चल रहे कथित अवैध खनन के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
भाकियू टिकैत का एक प्रतिनिधिमंडल आसिम मनिक के नेतृत्व में नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह से मिला और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन जारी है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कॉलोनीवासियों द्वारा पहले भी कई बार इस मामले की शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद खनन का कार्य लगातार जारी है, जिससे क्षेत्र में दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आसिम मनिक ने बताया कि अवैध खनन के कारण क्षेत्र में दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने एक पुराने हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व में एक दुर्घटना हो चुकी है, जिसमें नूर हसन नामक ड्राइवर शामिल था, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
किसान यूनियन का आरोप है कि क्षेत्र में आज भी हजारों टन खनन सामग्री खुलेआम पड़ी हुई है, जो इस अवैध कारोबार की ओर साफ इशारा करती है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में फिरोज खान (प्रदेश महासचिव, उत्तराखंड), जाहिर तुर्की (प्रदेश सचिव), समीर राव, अर्सलान, आरिश, इस्माइल खान, तबरेज, शाहजेब, जहीर, रईस, अंकुर सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जहां एक ओर अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी गंभीर रूप से सामने आ रहा है।








