शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सृष्टि के रचयिता महर्षि कश्यप की जयंती शहर में बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के लोगों ने उनके आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया तथा एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया, जिसका महानगर में जगह-जगह स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

जेल चुंगी स्थित शांति नगर के शिव मंदिर में कार्यक्रम का शुभारंभ हवन-पूजन के साथ हुआ, जिसमें समाज के लोगों ने आहुतियां देकर सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण की कामना की। पंडित मोहन चंद जोशी ने विधिवत पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
दोपहर बाद शांति नगर मंदिर से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान प्रोफेसर संदीप कश्यप, पंकज कश्यप और प्रदीप कश्यप सहित समाज के अनेक गणमान्य लोगों ने झांकियों का पूजन कर शोभायात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा में महर्षि कश्यप और श्रीराम-सीता की आकर्षक झांकियां विशेष रूप से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन्हें देखने के लिए मार्ग में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
यह शोभायात्रा शांति नगर से प्रारंभ होकर नुमाइश कैंप, पुरानी चुंगी, घंटाघर और अंबाला रोड से होती हुई श्री बाबा कालू मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान नंदी फिरोजपुर से आए कलाकारों ने अपने करतब दिखाकर लोगों का मन मोह लिया। मार्ग में जगह-जगह व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत करते हुए फूल बरसाए और श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर संदीप कश्यप ने कहा कि महर्षि कश्यप की शिक्षाएं आज भी समाज को प्रकृति और समरसता के साथ संतुलन बनाकर चलने की प्रेरणा देती हैं। पंकज कश्यप ने उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और कश्मीर के बसने का श्रेय भी उन्हें ही दिया जाता है।
कार्यक्रम में अंकित कश्यप, महावीर कश्यप, डॉ. मांगेराम कश्यप, अमीन जयपाल कश्यप, सतीश कश्यप, सत्यपाल कश्यप, धन प्रकाश कश्यप, शुभम कश्यप, ऋषिपाल कश्यप, सुमित कश्यप, विनोद ठेकेदार, राजेंद्र कश्यप और अमित कश्यप सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। इस आयोजन ने पूरे शहर में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश दिया।








