शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जेवी जैन कॉलेज में आयोजित वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का तीसरे एवं अंतिम दिन उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हो गया। अंतिम दिन विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसके बाद तीनों दिन के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय के कुलसचिव कमल कृष्ण उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी राहुल चोपड़ा एवं प्रबंधन समिति सदस्य देवेंद्र मित्तल ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
मुख्य अतिथि कमल कृष्ण ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों को पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी। वहीं राहुल चोपड़ा ने सरकार द्वारा खेलों के क्षेत्र में बढ़ाई जा रही सुविधाओं की जानकारी देते हुए युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रिंकू सिंह का उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में बास्केटबॉल फ्री शॉट (पुरुष वर्ग) में सौरभ कुमार ने प्रथम, आकाश ने द्वितीय और विनीत कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में श्रुति सक्सेना प्रथम, साक्षी गोयल द्वितीय और रिया तृतीय स्थान पर रहीं।
स्टैंडिंग खो-खो (महिला वर्ग) में नर्मदा हाउस की टीम—पायल रानी, अक्षिता देवी, कशिश पाल, खुशी पाल, नेहा और ज्योति—ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि गंगा हाउस की टीम—श्रुति सक्सेना, साक्षी गोयल, यशिका, रिया कपिल, सलोनी और वंशिका—द्वितीय स्थान पर रही।
इसके अतिरिक्त अंतर्विश्वविद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें मोहम्मद शुऐब (जूडो), साहिल कुमार (हॉकी), अर्जुन गुप्ता, राघव अरोरा, अजय कुमार, रितिक मलिक (बास्केटबॉल), अभिषेक पुंडीर, दिग्विजय पुंडीर (शतरंज), गायत्री, आकाश (योगासन), अंगद सिंह (वुशु) और गौरव मेनन (भारोत्तोलन) शामिल रहे।
निर्णायक मंडल में लाल धर्मेंद्र प्रताप, योगाचार्य भीम, मनीष कुमार, रोहित पुंडीर और तेजस्वी चौहान को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. वकुल बंसल, प्रो. पंकज गुप्ता, प्रो. हरिओम गुप्ता, डॉ. हरवीर सिंह चौधरी और प्रो. मुकेश गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. हरवीर सिंह चौधरी द्वारा किया गया, जबकि संचालन मोहम्मद यूनुस खान ने किया।
कुल मिलाकर यह प्रतियोगिता छात्रों के लिए अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुई और खिलाड़ियों में उत्साह व प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने में सफल रही।








