शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक रिटायरीज एसोसिएशन (पीएनबीआरए) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा सदस्यों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय गान के साथ किया गया, जिससे पूरे वातावरण में देशभक्ति और अनुशासन का भाव दिखाई दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए संस्था के सचिव सुभाष सप्रा ने गुरु तेगबहादुर के जीवन पर प्रकाश डाला और उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गुरु तेगबहादुर का जीवन त्याग, सेवा और मानवता की रक्षा का प्रतीक है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को सीख लेनी चाहिए।
सुभाष सप्रा ने अपने संबोधन में बताया कि हाल ही में उन्होंने कुरुक्षेत्र तीर्थ नगरी का भ्रमण किया, जहां उन्होंने ब्रह्म सरोवर, गीता उपदेश स्थल और अन्य ऐतिहासिक स्थानों के दर्शन कर वहां की संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को समझा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अनुभव जीवन को समृद्ध बनाते हैं और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराते हैं।
बैठक के दौरान संगठन की सदस्यता अभियान को भी गति मिली, जहां कई नए सदस्यों ने पीएनबीआरए से जुड़कर संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया। सप्रा ने बताया कि पीएनबीआरए देशभर में पंजाब नेशनल बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की एक अग्रणी संस्था है, जो न केवल अपने सदस्यों बल्कि व्यापक रूप से वरिष्ठ नागरिकों के हितों के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में संगठन के सदस्यों की संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है, जिसमें चपरासी से लेकर जनरल मैनेजर तक के सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने पेंशन अपडेशन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तृत जानकारी साझा की।
बैठक में संस्था के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा और कोषाध्यक्ष अरुण प्रकाश शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए संगठन की एकजुटता और सक्रियता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही सदस्यों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करती है।
इस अवसर पर अशोक जैन, अमृत लाल अरोड़ा, विधु शेखर, योगेश लूथरा, नेकीराम, सुनील अरोड़ा, श्रीमणि राम, मुकेश गर्ग, अशोक मरवाहा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर यह बैठक संगठनात्मक मजबूती, सदस्यता विस्तार और वरिष्ठ नागरिकों के हितों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।








