शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर शहर में होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन द्वारा एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक Samuel Hahnemann के 271वें जन्मदिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में संरक्षक डॉ. पी.डी. गर्ग के मार्गदर्शन में चिकित्सकों ने हैनिमैन प्वाइंट, दिल्ली रोड स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि होम्योपैथी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेत्र पाल सिंह एवं जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार यादव उपस्थित रहे।
अध्यक्षता कर रहे डॉ. शिशिर भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि होम्योपैथी केवल लक्षणों का नहीं बल्कि रोग के मूल कारण का उपचार करती है, जिससे रोगी को स्थायी लाभ मिलता है। वहीं संस्था के सचिव डॉ. अजय सैनी ने एसोसिएशन की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था द्वारा समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों ने होम्योपैथी के मूल सिद्धांत “Similia Similibus Curentur” को अपनाते हुए समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के प्रसार का संकल्प लिया। साथ ही, बदलते समय में होम्योपैथी की बढ़ती उपयोगिता और आवश्यकता पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि होम्योपैथी एक सुरक्षित, सुलभ और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जो बिना किसी दुष्प्रभाव के रोगों का उपचार करने में सक्षम है। उन्होंने आमजन से भी इस चिकित्सा पद्धति को अपनाने और इसके प्रति जागरूक होने की अपील की।
कार्यक्रम में शहर के कई वरिष्ठ चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के अंत में सभी ने एकजुट होकर होम्योपैथी के प्रचार-प्रसार और जनस्वास्थ्य के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।








