शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। होम्योपैथिक विभाग के तत्वावधान में विश्व होम्योपैथिक दिवस धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आमजन से इसका अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का आयोजन शहर के एक होटल सभागार में किया गया, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेत्रपाल सिंह एवं विशिष्ट अतिथि जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार यादव द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. नेत्रपाल सिंह ने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति न केवल प्राचीन है, बल्कि यह किफायती और प्रभावी भी है। इस पद्धति में रोग का उपचार जड़ से किया जाता है और दवाइयों का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। उन्होंने लोगों से इस चिकित्सा पद्धति को अपनाने की अपील की।
वहीं डॉ. विवेक कुमार यादव ने विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जनपद सहारनपुर में वर्तमान में 8 होम्योपैथिक चिकित्सालय एवं डिस्पेंसरी संचालित हैं। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष 1,58,932 रोगियों का सफल उपचार किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री आरोग्य मेला, वामा सारथी पुलिस लाइन मेला और ‘आयुष आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रत्येक रविवार को आमजन तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कई स्थानों पर होम्योपैथिक डिस्पेंसरी के निर्माण के लिए भूमि स्वीकृत की जा चुकी है, जिसमें फतेहपुर कला की डिस्पेंसरी का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि नकुड़ और सरसावा में भूमि की तलाश जारी है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. पी.डी. गर्ग, डॉ. शिशिर भारद्वाज, डॉ. हरीश मनचंदा, डॉ. अजय सैनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।








