दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित, पीएम मोदी ने 11,963 करोड़ की परियोजना का किया लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन कर उत्तराखंड, यूपी और दिल्ली को बड़ी सौगात दी। 11,963 करोड़ की इस परियोजना से कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर । देश के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 11,963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय समृद्धि को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:30 बजे जौलीग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वे हेलिकॉप्टर के माध्यम से सहारनपुर के गणेशपुर स्थित हेलीपैड पर करीब 10:50 बजे पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने 11:10 बजे एलिवेटेड कॉरिडोर के व्यू प्वाइंट का निरीक्षण किया और अधिकारियों से परियोजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री ने कॉरिडोर की आधुनिक तकनीक, संरचना और विशेषताओं को करीब से देखा। इसके पश्चात वे एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से होते हुए कार द्वारा आगे बढ़े। इस दौरान उनके साथ योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

इसके बाद प्रधानमंत्री माँ डाट काली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि और विकास की कामना की। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सहित कई गणमान्य नेता मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस परियोजना को देश के विकास के लिए मील का पत्थर बताया।

कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगी नई गति

दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे न केवल आम यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों को भी बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा।

यह कॉरिडोर व्यापार, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं लेकर आएगा। देहरादून, मसूरी और अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

वन्यजीव संरक्षण के साथ आधुनिक विकास

इस परियोजना की एक खास विशेषता यह है कि इसे पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के जरिए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन को बाधित किए बिना सड़क निर्माण किया गया है।

सरकार का मानना है कि यह परियोजना विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

रोजगार और निवेश के नए अवसर

कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और किसानों को अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तर भारत के आर्थिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कड़ी सुरक्षा में संपन्न हुआ कार्यक्रम

प्रधानमंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से पूरे कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। हर स्तर पर सतर्कता बरती गई, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित हो सका।

देश के विकास की ओर एक और मजबूत कदम

दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, बल्कि आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन को भी मजबूती प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा और यह परियोजना आने वाले समय में उत्तर भारत के विकास की नई कहानी लिखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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