नानौता के सिद्धपीठ श्री शनिधाम में धूमधाम से मनाया गया शनिदेव व पंचमुखी हनुमान जी का जन्मोत्सव, हजारों श्रद्धालु शामिल

नानौता स्थित सिद्धपीठ श्री शनिधाम में शनिदेव और पंचमुखी हनुमान जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। हवन-पूजन, छप्पन भोग और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

फैय्याज अली आब्दी

नानौता। जनपद नानौता के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री शनिधाम में श्री शनिदेव महाराज एवं पंचमुखी श्री हनुमान जी महाराज का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ हवन-पूजन से हुई, जिसमें पंडित राजकुमार शर्मा और पंडित अमित शर्मा के निर्देशन में मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इस दौरान सिद्धपीठ श्री शनिधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं हरियाणा राज्य के बराड़ा नगर निवासी देवेंद्र चौहान उर्फ पिंटू राणा और उनकी पत्नी वंदना चौहान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की।

इसके पश्चात श्री शनिदेव महाराज और पंचमुखी श्री हनुमान जी को भव्य रूप से छप्पन भोग अर्पित किया गया। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और भक्ति गीतों व भजनों की स्वर लहरियों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड पाठ में भाग लेकर भगवान के गुणगान किए, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।

धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सेवा भाव से योगदान दिया।

मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन यहां श्री शनिदेव महाराज और पंचमुखी श्री हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, स्थापना के समय एक विशेष घटना भी हुई थी, जब प्रतिमा को एक स्थान पर स्थापित करने के बाद वह अपनी जगह से हिली तक नहीं। इसे चमत्कार मानते हुए इस स्थान को “सिद्धपीठ श्री शनिधाम” के नाम से जाना जाने लगा।

धार्मिक मान्यता है कि श्री शनिदेव महाराज कलयुग के न्यायधीश हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना को अवश्य स्वीकार करते हैं। यहां वर्षों से अखंड ज्योत प्रज्वलित है और हर शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु यहां भंडारा कर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं।

इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह, प्रवीण राणा, बंटी राणा, दिनेश चौहान, अरुण चौहान, नराताराम राणा, अमित, रविंदर, मोहित सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भावना का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने इस जन्मोत्सव को एक भव्य और यादगार आयोजन बना दिया।

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