शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन कर गाजीपुर जनपद के करनड़ा थाना क्षेत्र स्थित गांव कटरिया में हुए निशा विश्वकर्मा हत्याकांड और महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो समाज व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
जिलाध्यक्ष मनोज पांचाल, जिला महामंत्री बालकिशन धीमान और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अरविंद धीमान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी भी की।
महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजेश शर्मा ने कहा कि नाबालिग निशा विश्वकर्मा की नृशंस हत्या बेहद दुखद और शर्मनाक है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब रामआसरे विश्वकर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, तो पुलिस की मौजूदगी में उन पर हमला किया गया, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुधीर सोहल, समाजसेवी रामसिंह पांचाल और कृष्णलाल ओलरा ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने हत्याकांड में शामिल आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा संबंधित थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी को निलंबित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि इस गंभीर मामले में प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं दिखाई, तो यह न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास कमजोर करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज के लोग चुप बैठने वाले नहीं हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. पवन धीमान, नितिन धीमान एडवोकेट, राम कुमार धीमान, संजय शर्मा, अरुण धीमान, अजय धीमान सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के अंत में पदाधिकारियों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज के सम्मान और न्याय का मुद्दा है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि आरोपियों के खिलाफ कब और क्या कदम उठाए जाते हैं।








