शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल से सोमवार को चोरी किए गए नवजात को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने मामले में आरोपी महिला आशु को गिरफ्तार किया है। नवजात की बरामदगी के बाद पुलिस ने अस्पताल में भर्ती उसकी मां शबाना से बच्चे की पहचान कराई और पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी महिला ने संतान नहीं होने के कारण नवजात को चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि महिला ने बच्चे को अस्पताल से ले जाने के लिए पहले से योजना बनाई थी और कई दिनों तक अस्पताल की गतिविधियों पर नजर रखी थी।
देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव शेखपुरा कदीम निवासी नाजिम की पत्नी शबाना ने रविवार रात जिला महिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। सोमवार को नाजिम बच्चे को टीका लगवाने के लिए ऑपरेशन थिएटर के पास लेकर पहुंचा था। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला ने खुद को अस्पताल का स्टाफ बताया और नाजिम से बच्चे को टीका लगवाने के लिए ले लिया।
पुलिस के अनुसार महिला ने नाजिम को टीके का कार्ड लेने के लिए वार्ड में भेज दिया। नाजिम जब कार्ड लेकर वापस लौटा तो महिला और नवजात दोनों वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद उसने अस्पताल प्रशासन को सूचना दी और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
नवजात की तलाश के लिए थाना जनकपुरी पुलिस और एसओजी की टीम को लगाया गया। पुलिस ने जिला महिला अस्पताल तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को महिला की गतिविधियों के बारे में सुराग मिले। पुलिस के अनुसार महिला की आखिरी लोकेशन हरिद्वार जिले के बहादराबाद क्षेत्र में एक अस्पताल के बाहर मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने जांच को आगे बढ़ाया और बुधवार देर रात आरोपी महिला आशु को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसके कब्जे से नवजात भी सकुशल बरामद हो गया। इसके बाद पुलिस नवजात को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंची और उसकी मां शबाना से पहचान कराई।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी महिला तीतरों कस्बे की रहने वाली है और उसकी शादी फतेहपुर थाना क्षेत्र निवासी सोनू से हुई थी। पुलिस के मुताबिक उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बाद में महिला अपने पति से अलग रहने लगी और भगवानपुर स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगी।
पुलिस के अनुसार इसी दौरान उसकी मुलाकात अंकुर नाम के युवक से हुई। दोनों करीब पांच साल से साथ रह रहे थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं हुई। पुलिस का दावा है कि इसके बाद आरोपी महिला ने नवजात चोरी करने की योजना बनाई।
जांच में यह भी सामने आया कि महिला ने जिला महिला अस्पताल में कई दिनों तक रेकी की थी। पुलिस के अनुसार उसने अस्पताल के स्टाफ से मिलती-जुलती ड्रेस हासिल की और सोमवार को उसी तरह की पोशाक पहनकर अस्पताल पहुंची। वहां उसने खुद को अस्पताल कर्मचारी बताते हुए नाजिम से नवजात को टीका लगवाने के बहाने अपने साथ ले लिया।
पुलिस का कहना है कि नवजात को अस्पताल से ले जाने के बाद आरोपी महिला उसे बहादराबाद स्थित अपने घर ले गई। वहां उसने बच्चे के आने की खुशी में घर सजाया और पड़ोसियों को बताया कि उसके बेटा हुआ है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी महिला तक पहुंची और नवजात को सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। नवजात के सकुशल मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है।








