UP Politics: इकरा के बयान पर इमरान मसूद का पलटवार, बोले- गठबंधन के लिए भीख नहीं मांग रहे

विधानसभा चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर बयानबाजी तेज है। इकरा हसन की टिप्पणी पर इमरान मसूद ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस गठबंधन के लिए भीख नहीं मांग रही।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी तेज हो गई है। सपा सांसद इकरा हसन की टिप्पणी पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की प्रतिक्रिया के बाद दोनों दलों के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है। मसूद ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन के लिए किसी से भीख नहीं मांग रही है और पार्टी अपने संगठन व चुनावी तैयारियों पर ध्यान दे रही है।

इकरा हसन की ओर से उत्तर प्रदेश में भाजपा को चुनौती देने और कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि गठबंधन नहीं करना है तो न करें, कांग्रेस किसी से गठबंधन की मांग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है और कांग्रेस अपने काम पर लगी हुई है। मसूद ने बयानबाजी पर टिप्पणी करते हुए बारात में ढोल बजाने और नाचने-गाने वालों का उदाहरण भी दिया।

मसूद पहले भी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संभावित गठबंधन को लेकर कांग्रेस का पक्ष रख चुके हैं। उनका कहना रहा है कि कांग्रेस प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है और गठबंधन की स्थिति में सीटों को लेकर दोनों दलों के नेतृत्व के बीच बातचीत से फैसला होना चाहिए। हाल के दिनों में सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बयानों से यह मुद्दा लगातार राजनीतिक चर्चा में बना हुआ है।

इमरान मसूद ने सपा नेता शिवपाल यादव की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें इटावा, मैनपुरी और सैफई जैसे सपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कांग्रेस को वोट नहीं मिलने की बात कही गई। शिवपाल यादव ने कांग्रेस नेताओं के इन क्षेत्रों में चुनावी अभियान चलाने के संदर्भ में कहा था कि वहां कांग्रेस को वोट नहीं मिलेगा। इसके जवाब में मसूद ने इसे शिवपाल यादव की सोच बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपने काम पर ध्यान दे रही है।

इधर सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने भी कांग्रेस नेताओं के बयानों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी से गठबंधन की राजनीति प्रभावित हो सकती है। राजभर के अनुसार सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन से जुड़ा अंतिम फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को करना है।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सामने आ रहे ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब सपा और कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर बातचीत की चर्चा जारी है। दोनों दलों की ओर से अपने-अपने संगठन और चुनावी तैयारियों को लेकर सक्रियता बढ़ाई जा रही है, जबकि नेताओं के सार्वजनिक बयानों ने गठबंधन की दिशा को लेकर राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।

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