मनोज मिड्ढा की खास रिपोर्ट
सहारनपुर। पूर्व बजरंग दल प्रांतीय संयोजक विकास त्यागी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित करीब 150 वर्ष पुरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में किए गए उल्लेख पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाय अपने देश की परिस्थितियों पर ध्यान देना चाहिए। विकास त्यागी ने शहबाज शरीफ की टिप्पणी को लेकर कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री “घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।”
गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 25 सितंबर 2026 को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के सामान्य वाद-विवाद में अपने संबोधन के दौरान सहारनपुर की करीब 150 वर्ष पुरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण का उल्लेख किया था। उन्होंने इसे धार्मिक स्वतंत्रता और इस्लामोफोबिया से जुड़े अपने तर्क के संदर्भ में उदाहरण के तौर पर पेश किया। यह मामला उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से सदस्य देशों के प्रतिनिधियों और उपस्थित विश्व नेताओं के सामने अपने भाषण में उठाया।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान विकास त्यागी से सहारनपुर के मुस्लिम पार्षदों और समाजवादी पार्टी के पार्षदों द्वारा मेले के बहिष्कार को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि जितने भी मेले आयोजित होते हैं, उनमें हिंदू देवी-देवताओं के मेले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिम पार्षद और सपा से जुड़े लोग इन मेलों का बहिष्कार कर रहे हैं तो वह इसका स्वागत करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मेलों में जिन मुस्लिम दुकानदारों की दुकानें लगती हैं, उन्हें भी ऐसे मेलों से दूरी बनानी चाहिए। उनका कहना था कि हिंदुओं के त्योहारों और मेलों से जितनी दूरी रखी जाएगी, उतना ही अच्छा होगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा सहारनपुर का मामला अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाए जाने के सवाल पर विकास त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने के बजाय अपने देश की परिस्थितियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति और आतंकवाद समेत विभिन्न मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपने मामलों को संभालने में सक्षम है।
विकास त्यागी ने कहा कि पुलवामा की घटना, पहलगाम की घटना और कश्मीर में नाम पूछकर मजदूरों की हत्या जैसी घटनाओं के समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने क्या प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय उन्हें ये घटनाएं दिखाई नहीं दीं और अब सहारनपुर के मामले पर अंतरराष्ट्रीय मंच से चिंता जताई जा रही है। उन्होंने इसी संदर्भ में शहबाज शरीफ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “अब घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि सहारनपुर में हुई कार्रवाई स्थानीय प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े विषय का हिस्सा है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार कलेक्ट्रेट परिसर की भूमि से संबंधित मामले में स्थानीय अदालत ने मस्जिद को अनधिकृत मानते हुए हटाने का आदेश दिया था और जिला अदालत ने अपील में उस आदेश को बरकरार रखा था।
विकास त्यागी ने कहा कि भारत में सभी नागरिकों को संविधान के तहत अधिकार प्राप्त हैं और किसी भी विवाद का समाधान देश की संवैधानिक एवं कानूनी व्यवस्था के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश को भारत के आंतरिक मामलों पर अंतरराष्ट्रीय मंच से टिप्पणी करने के बजाय अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
विकास त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश में कानून-व्यवस्था तथा विकास के मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के मामलों पर निर्णय भारत की संवैधानिक व्यवस्था और कानून के अनुसार ही होगा।








