शहरी चौपाल ब्यूरो
छुटमलपुर (सहारनपुर)। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा एवं भारतीय किसान यूनियन वर्मा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब 8 करोड़ जनता की उन्नति और विकास के लिए पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण जरूरी है। उन्होंने सहारनपुर में एम्स, आईआईएम, आईआईटी और एनआईटी जैसे उच्च शिक्षण एवं चिकित्सा संस्थानों की स्थापना की मांग भी उठाई।
ग्राम अलीवाला में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्रस्तावित पश्चिम प्रदेश में 26 जिले, छह मंडल, 27 लोकसभा क्षेत्र और 137 विधानसभा क्षेत्र शामिल किए जाने की मांग है। उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बड़े उद्योग स्थापित होंगे तथा शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अपेक्षित सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पृथक राज्य बनने के बाद इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। उन्होंने छोटे राज्यों को विकास का उदाहरण बताते हुए किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, युवाओं, छात्रों, अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों से पृथक पश्चिम प्रदेश की मांग को लेकर एकजुट होने का आह्वान किया।
बैठक की अध्यक्षता पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने की। उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने से किसानों और गरीबों की समस्याओं के समाधान की दिशा में नए अवसर पैदा होंगे। संचालन प्रदेश महामंत्री आसिम मलिक ने किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक में रामकुमार नेता, पंडित नीरज कपिल, मास्टर रईस अहमद, रिशिपाल गुर्जर, कृपाल सिंह चौधरी, मोहम्मद मुखिया त्यागी, सरदार गुलविंदर सिंह बंटी, डॉ. खालिक, मोहम्मद वसीम, प्रवीण चौधरी, महबूब हसन, हाजी सुलेमान, डॉ. यशपाल त्यागी, हरपाल सिंह, रविंद्र प्रधान, नरेश कुमार एडवोकेट, अजीत सिंह एडवोकेट, जोगिंदर सिंह, विजयपाल सिंह डायरेक्टर, सुधीर चौधरी और अरविंद चौधरी आदि मौजूद रहे।








