मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। सहारनपुर रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए नवनिर्माण कराया गया, लेकिन स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि रात 10 बजे के बाद रेलवे प्लेटफार्म, पार्किंग और प्लेटफार्म क्रॉसिंग के आसपास संदिग्ध लोगों का जमावड़ा रहता है। स्थानीय स्तर पर इन स्थानों पर कथित देह व्यापार और स्मैक-सुल्फा जैसे नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियां होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
शिकायतों के अनुसार, देर रात स्टेशन परिसर में कुछ महिलाओं, किन्नरों और अन्य संदिग्ध लोगों की मौजूदगी से यात्रियों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे में रेलवे स्टेशन के अंदर और उसकी बाउंड्री के भीतर सुरक्षा व्यवस्था तथा नियमित निगरानी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारियों को शिकायतों का संज्ञान लेकर स्थिति की जांच करनी चाहिए। रात के समय गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित करने और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने की जरूरत है।
रेलवे स्टेशन के नवनिर्माण और यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जाना जरूरी है। यदि परिसर में नशीले पदार्थों की बिक्री, कथित देह व्यापार या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, यदि कहीं नाबालिगों के शोषण की आशंका सामने आती है, तो मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
अब निगाहें रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सहारनपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म, पार्किंग, क्रॉसिंग और परिसर के अन्य हिस्सों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। शिकायतों की निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई से ही यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जा सकता है।








