शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत मतदेय स्थलों के युक्तिसंगत पुनर्गठन को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में रविवार को राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाताओं की सुविधा, मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए किए गए बदलावों पर चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने मतदेय स्थलों की अंतिम सूची जारी करने से पहले राजनीतिक दलों के सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने पर जोर दिया।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों का युक्तिसंगत विभाजन किया गया है। वहीं, कम मतदाता संख्या वाले और अव्यावहारिक मतदेय स्थलों का नियमानुसार नजदीकी बूथों में विलय किया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदान के दिन बूथों पर लंबी कतारों को कम करना और मतदाताओं को सुगमतापूर्वक मतदान का अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि सम्भाजन के बाद मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची पहले ही सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई थी। सूची के संबंध में 25 अक्टूबर तक लिखित सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं, ताकि आवश्यकतानुसार नियमानुसार व्यावहारिक बदलाव किए जा सकें।
डीएम ने स्पष्ट किया कि प्राप्त वैध सुझावों और आपत्तियों का गंभीरता से निस्तारण किया जाएगा। अंतिम सूची तैयार करने से पहले सभी संबंधित पक्षों के विचारों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनी रहे।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी लवी त्रिपाठी, समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट, भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई, सपा से चौधरी अब्दुल गफूर, कांग्रेस से सुधांशु धनगर तथा सांसदों एवं विधायकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








