शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में अवैध खनन और उपखनिजों के भंडारण के मामलों में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बेहट तहसील क्षेत्र के तीन स्टोन क्रशरों के भंडारण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। जांच में तीनों स्टोन क्रशरों पर कुल 9,609 घनमीटर उपखनिज का अवैध भंडारण पाए जाने का मामला सामने आया। खनन विभाग ने इससे सरकारी राजस्व को कुल 1 करोड़ 7 लाख 24 हजार 640 रुपये की क्षति होने का आकलन किया है। जिलाधिकारी ने संबंधित संचालकों को निर्धारित धनराशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
खनन विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एक अक्टूबर 2026 की रात खनन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बेहट तहसील क्षेत्र के तीन स्टोन क्रशरों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान ग्राम मसूदपुर गढ़ स्थित मैसर्स हिमालय स्टोन क्रशर के भंडारण स्थल पर 6,431 घनमीटर उपखनिज पाया गया। विभाग ने इस मामले में 66 लाख 73 हजार 760 रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया। संबंधित संचालक को तीन अक्टूबर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण और साक्ष्य मांगे गए थे। विभाग के अनुसार, प्रस्तुत जवाब के साथ आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए।
ग्राम बरथा कोरसी स्थित मैसर्स सम्राट स्टोन क्रशर की जांच में 1,995 घनमीटर उपखनिज का भंडारण पाया गया। इस मामले में 24 लाख 15 हजार 200 रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया गया। खनन विभाग ने संबंधित संचालक से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन विभाग के अनुसार उसका जवाब साक्ष्यविहीन पाया गया।
इसी गांव में स्थित मैसर्स ताशु स्टोन क्रशर के निरीक्षण के दौरान 1,183 घनमीटर उपखनिज भंडारित मिला। विभाग ने इस मामले में 16 लाख 35 हजार 680 रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया। संबंधित संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्यालय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
खनन विभाग के अनुसार, दो स्टोन क्रशर संचालकों के स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए, जबकि तीसरे संचालक ने जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने 27 अक्टूबर 2026 को तीनों स्टोन क्रशरों के भंडारण लाइसेंस अथवा अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित संचालकों को आकलित राजस्व क्षति की धनराशि जमा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य खनन और उपखनिजों के भंडारण से संबंधित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा सरकारी राजस्व की सुरक्षा करना है।








