शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आभा आईडी बनाने में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित नोडल अधिकारी का वेतन रोकने तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के नियमित टीकाकरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने और जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की लंबित केवाईसी तत्काल पूरी कराने को कहा।
बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय तथा संचारी रोग नियंत्रण एवं घर-घर दस्तक अभियान की अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति, निर्धारित लक्ष्य, मानव संसाधन, दवाओं की उपलब्धता, आंकड़ों की गुणवत्ता, वित्तीय प्रगति और निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
नियमित टीकाकरण की समीक्षा में शहरी क्षेत्र के कुछ स्वास्थ्य केंद्रों की प्रगति असंतोषजनक मिली। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र न्यू गोपालनगर में 25 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आवास विकास कॉलोनी में 23 प्रतिशत, महीपुरा में 25 प्रतिशत और नेहरू मार्केट में 25 प्रतिशत उपलब्धि पाई गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण सत्रों की कम संख्या पर संबंधित एमओआईसी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा।
जिलाधिकारी ने टीकाकरण के लिए ड्यू लिस्ट नियमित रूप से अपडेट करने, छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उनका टीकाकरण सुनिश्चित करने और सुपरविजन व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शत-प्रतिशत संचालन हो तथा वहां निर्धारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। आरबीएसके के आंकड़ों का क्रॉस वेरिफिकेशन कराने और संबंधित नोडल अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी देवबंद को बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश भी दिए।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित केवाईसी तत्काल पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा आशाओं का भुगतान समय से सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा कर योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
संचारी रोग नियंत्रण एवं घर-घर दस्तक अभियान की समीक्षा में जिलाधिकारी ने हॉटस्पॉट क्षेत्रों में एंटीलार्वा दवा का छिड़काव, फॉगिंग और लार्वा सर्वे युद्धस्तर पर कराने को कहा। उन्होंने जलभराव वाले स्थानों पर पानी की निकासी, झाड़ियों की कटाई और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाई जा सके। अभियान के तहत की गई प्रत्येक कार्रवाई का अभिलेखीकरण करने और नियमित निगरानी के साथ प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शेर सिंह कक्कड़, जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।








