Saharanpur Nagar Nigam Budget 2026-27: 997.31 करोड़ का पुनरीक्षित बजट पारित

सहारनपुर नगर निगम कार्यकारिणी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 997.31 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट पारित किया। उद्यान विभाग का बजट बढ़ाकर 11.43 करोड़ और 32 गांवों के विकास के लिए 7.90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 997 करोड़ 31 लाख 81 हजार रुपये का पुनरीक्षित बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। महापौर डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्षदों ने बजट पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी। इसे नगर निगम के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पुनरीक्षित बजट बताया गया है। मूल बजट की तुलना में इसमें करीब 244 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। बजट में शहर के निर्माण कार्यों के साथ सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

बैठक में लेखाधिकारी डॉ. मनोज त्रिपाठी ने पुनरीक्षित बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य सरकार की ग्रांट में लगभग 62 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इसके अलावा दो नए शासकीय अनुदान भी प्राप्त हुए हैं। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा निधि के अंतर्गत 2 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये तथा केंद्र सरकार की शैलो एक्वीफर मैनेजमेंट योजना के तहत 50 लाख रुपये अतिरिक्त मिले हैं।

उन्होंने बताया कि निगम के विभिन्न विभागों के बजट में बढ़ोतरी की गई है। अधिष्ठान व्यय के लिए 125 करोड़ 45 लाख रुपये के स्थान पर 142 करोड़ 45 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। पथ प्रकाश विभाग का बजट 18 करोड़ 7 लाख से बढ़ाकर 21 करोड़ 65 लाख रुपये और निर्माण विभाग का बजट 284 करोड़ 15 लाख से बढ़ाकर 297 करोड़ 15 लाख रुपये किया गया है।

शहर के सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए उद्यान विभाग का बजट 6 करोड़ 18 लाख रुपये से बढ़ाकर 11 करोड़ 43 लाख रुपये कर दिया गया है। गमले लगाने, पौधारोपण और डिवाइडरों के सौंदर्यीकरण के लिए बजट एक करोड़ से बढ़ाकर चार करोड़ रुपये किया गया है। वहीं पार्कों की चारदीवारी, सोलर लाइट, रेलिंग और पेंटिंग जैसे कार्यों के लिए एक करोड़ के स्थान पर तीन करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

जलकल विभाग में पाइपलाइन की मरम्मत और नई पाइपलाइन बिछाने के लिए बजट में दो करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर कुल 12 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। नगर निगम में शामिल 32 गांवों के विकास के लिए भी अलग से बजट बढ़ाकर 7 करोड़ 90 लाख रुपये कर दिया गया है। अधिकारियों को यह धनराशि 31 मार्च 2027 तक निर्माण, सौंदर्यीकरण और पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए खर्च करनी होगी।

बैठक में बजट के अलावा महानगर के दस वार्डों में 11 निर्माण कार्यों तथा जल निगम के दो कार्यों के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। पार्षद मंसूर और चौधरी वीरसेन सिद्धू ने दीपावली सहित अन्य त्योहारों पर सफाई और पथ प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग उठाई। उपसभापति मयंक गर्ग ने पुल दालमंडी, पुल खुमरान और बेहट रोड से साईं मंदिर तक अतिक्रमण की समस्या की ओर ध्यान दिलाया।

पार्षद सुधीर पंवार ने वार्ड 34 में विकास कार्यों की गति बढ़ाने की मांग की। उन्होंने ढमोला नदी किनारे रेलवे की जमीन पर गंदगी जमा होने से बीमारियां फैलने की आशंका भी जताई। इस पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों को रेलवे को पत्र लिखने के निर्देश दिए। श्वानों के लिए व्यवस्था से जुड़े सवाल पर पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि एक हजार श्वानों की क्षमता वाले एनिमल सेंटर का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल पर महापौर ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अब तक कितने कार्यों के टेंडर हो चुके हैं, कितने कार्य शुरू हो गए हैं और कितने अधूरे हैं, इसकी सूची शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। बैठक में पार्षद ज्योति अग्रवाल, सुलेख चंद, गौरव कपिल और महमूद सहित अन्य पार्षदों ने भी अपने-अपने वार्डों की समस्याएं उठाईं और उनके समाधान की मांग की।

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