सहारनपुर उद्योगों में अग्नि सुरक्षा अलर्ट: IIA की फायर मॉक ड्रिल में बताए गए बड़े खतरे और बचाव के तरीके

सहारनपुर में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योगों को अग्नि सुरक्षा के नियमों और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। जानिए क्या बोले फायर अधिकारी और क्यों जरूरी है यह अभ्यास।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) सहारनपुर चैप्टर द्वारा उद्योगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली फायर मॉक ड्रिल और मंथन बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कामधेनू उद्योग नगर स्थित मैसर्स संत एक्सपोर्ट इकाई परिसर में चैप्टर चेयरमैन गौरव चोपड़ा की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अग्निशमन अधिकारी ऋषभ पंवार उपस्थित रहे। आयोजन की शुरुआत में अतिथियों का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।

चैप्टर चेयरमैन गौरव चोपड़ा ने कहा कि उद्योगों में अग्नि सुरक्षा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आग की घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि कई बार जानलेवा भी साबित होती हैं। इसलिए सभी उद्योगों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद सड़ाना ने कहा कि अग्निशमन विभाग हमेशा उद्योगों के साथ सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाता है, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित करना उद्योग संचालकों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज अध्यादेश-2022 के तहत सभी संस्थानों के लिए अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि अधिकांश आग की घटनाओं का प्रमुख कारण इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट होता है। उन्होंने उद्योगों को नियमित रूप से अपनी विद्युत प्रणाली की जांच कराने और सुरक्षा उपकरणों को अपडेट रखने की सलाह दी।

मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों ने गैस सिलेंडर, इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट और अन्य कारणों से लगी आग पर काबू पाने के व्यावहारिक तरीके प्रदर्शित किए। साथ ही कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया, बचाव और सुरक्षित निकासी के उपाय भी सिखाए गए।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि उद्योगों में अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच, समय-समय पर ड्रिल और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना बेहद जरूरी है। इससे आपात स्थिति में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में संस्था द्वारा मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह और फायर स्टेशन अधिकारी ऋषभ पंवार को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राजेश सपरा, राजकुमार अरोड़ा, वीरभान भटेजा, संजय अरोड़ा, संजय कपूर, अंशुल गुप्ता, संजय गर्ग, संजीव सचदेवा, अतीश गुप्ता सहित कई प्रमुख उद्यमी मौजूद रहे।

इस आयोजन ने उद्योग जगत को यह स्पष्ट संदेश दिया कि अग्नि सुरक्षा में लापरवाही भारी पड़ सकती है, और समय रहते जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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