शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । जनपद में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर आयोजित व्यापार बंधु बैठक में जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान का सख्त रुख देखने को मिला। राज्य कर विभाग के सहयोग से आयोजित इस बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने व्यापारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर उनके समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
इस दौरान बिजली विभाग और नगर निगम से जुड़ी शिकायतों में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित और व्यापारिक हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतों को लंबित न रखें और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि व्यापारियों का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर अरुणेश यादव सहित विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्मार्ट सिटी, नगर निगम और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं व्यापारी वर्ग की ओर से राजेश गुलाटी, मुकुंद मनोहर गोयल, रोहित घई, नुसरत साबरी सहित कई प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे व्यापारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि व्यापार को बढ़ावा देना और जिले के आर्थिक विकास को गति देना प्रशासन की प्राथमिकता है, और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, यह बैठक प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही को दर्शाती है, जिसमें स्पष्ट संदेश दिया गया कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।








