शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर/दिल्ली। संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘मानव एकता दिवस’ के अवसर पर देशभर में सेवा, समर्पण और सद्भाव का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया गया। इस खास अवसर पर प्रेम, करुणा और सह-अस्तित्व का संदेश देते हुए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
यह दिवस बाबा गुरबचन सिंह की पावन स्मृति में मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित हुआ, जहां माता सुदीक्षा जी महाराज के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने सेवा और मानवता का संदेश आत्मसात किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के सैकड़ों सत्संग केंद्रों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। दिल्ली में आयोजित मुख्य शिविर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया, जबकि देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित शिविरों के माध्यम से हजारों यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस दौरान विभिन्न अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी लिया गया, जिससे सुरक्षित और व्यवस्थित रक्तदान सुनिश्चित हो सका।
अपने प्रेरणादायक संदेश में माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति निस्वार्थ भाव से दूसरों के लिए कार्य करता है, तभी समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। उन्होंने सभी लोगों से आपसी भाईचारे, प्रेम और सहयोग की भावना को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संत निरंकारी मिशन को मानव सेवा और समाज कल्याण में उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी किया गया। श्रद्धालुओं ने इस दिन को सेवा और समर्पण के रूप में मनाते हुए समाज में एकता और भाईचारे का संदेश फैलाया।
कुल मिलाकर ‘मानव एकता दिवस’ एक प्रेरणादायक अवसर के रूप में सामने आया, जिसने लोगों को मानवता के मूल्यों से जोड़ते हुए सेवा, प्रेम और एकता की भावना को और अधिक सशक्त किया।








