शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ। होली पर्व से पूर्व मिलावटखोरी पर नकेल कसते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने राजधानी में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 17 किलो मिलावटी व दुर्गंधयुक्त खोवा नष्ट कराया गया, जबकि नमकीन, बेसन, तेल, दाल समेत कुल 29,420 किलोग्राम खाद्य सामग्री सीज की गई। जब्त सामान की अनुमानित कीमत 46,42,645 रुपये आंकी गई है।
एफएसडीए की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य तेल, दुग्ध उत्पाद, बेसन, आटा, नमकीन, मटर दाल और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
तेल कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई
पुरानी बाजार इटौंजा (बीकेटी) स्थित बीएन इंटरप्राइजेज में मानकों के विपरीत पैकिंग पाए जाने पर 16,300 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल और 9,081 लीटर सरसों तेल सीज किया गया। पैकेटों पर अधूरी और भ्रामक जानकारी अंकित पाई गई।
इन प्रतिष्ठानों पर भी गिरी गाज
मोहिबुल्लापुर स्थित हरियाणा गृह उद्योग से 338 किलो बेसन और 128 किलो आटा, मक्खीजा नमकीन से 428 किलो नमकीन, तथा जलालपुर स्थित महादेव ट्रेडर्स से 1,923 किलो मटर दाल और 99 किलो रंगीन बूंदी जब्त की गई।
खोवामंडी कुमरावा (बीकेटी) में जांच के दौरान 17 किलो दुर्गंधयुक्त खोवा मानव उपभोग के अयोग्य पाया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। वहीं, दुबग्गा के भूहर ग्राम स्थित राधा इंटरप्राइजेज को बिना खाद्य लाइसेंस संचालन करते पाए जाने पर तत्काल बंद करा दिया गया।
सहायक आयुक्त विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे करें दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की पहचान
एफएसडीए ने उपभोक्ताओं को घर पर ही प्राथमिक स्तर पर मिलावट पहचानने के सरल तरीके भी बताए हैं—
दूध में पानी की मिलावट:
दूध की एक बूंद चिकनी और तिरछी सतह पर डालें। यदि बूंद धीरे-धीरे बहे और पीछे सफेद धार छोड़ दे तो दूध शुद्ध है। यदि तुरंत बिना धार छोड़े बह जाए तो पानी मिलाया हो सकता है।
डिटर्जेंट की मिलावट:
5–10 मिली दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर हिलाएं। अधिक और गाढ़ी झाग बने तो डिटर्जेंट की मिलावट की आशंका है।
खोया, पनीर, छेना में स्टार्च:
नमूने में पानी मिलाकर ठंडा करें और 2–3 बूंद आयोडीन डालें। नीला रंग उभरे तो स्टार्च की मिलावट है।
घी व मक्खन में स्टार्च या आलू:
आधा चम्मच घी या मक्खन में आयोडीन की बूंद डालने पर नीला रंग दिखे तो मिलावट की संभावना है।
होली जैसे त्योहारों पर बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासन की सख्ती के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सतर्कता भी बेहद जरूरी है।








