शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। ऑस्टियोपोरोसिस के बढ़ते रोगियों की संख्या को देखते हुए आयास आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में आयुर्वेद की अग्रणी झडृ एवं दिव्य शक्ति अखाड़ा के संयुक्त के तत्तवाधान में बी एम डी (बोन मिनरल डेंसिटी) टेस्ट के निःशुल्क शिविर का आयोजन किया गया जिसमे 350 रोगियों की जांच की गई। परवाना विहार स्थित आयास आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में शिविर का शुभारंभ चैम्बरऑफ इंडस्ट्री एंड सर्विसेस के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी, संजय गुप्ता, दिव्य शक्ति अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर सन्त कमल किशोर महाराज और डॉक्टर हर्ष ने मंत्रोच्चार के साथ किया। रविंद्र मिगलानी ने महिलाओं मे तेजी से बढते इस रोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना होगा वरना महिला सशक्तिकरण तब तक संभव नहीं जब तक महिलाओं में रक्त अल्पता और ऑस्टियो पोरोसिस का रोग का उन्मूलन नहीं होगा। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ हर्ष बताया कि भारतवर्ष में 7 करोड़ ऑस्टियोपोरोसिस के मरीज हैं जिन में 80 प्रतिशत महिलाएं हैं। आज के शिविर में 350 रोगियों की जांच का विश्लेषण किया गया तो 85 प्रतिशत महिलाओं में कैल्सियम और विटामिन डी की कमी पाई गई। आयुर्वेद में वर्णित आहार-व्यवहार, दिनचर्या, भोजन और औषधि सेवन से इस रोग का उन्मूलन शत-प्रतिशत संभव है। सन्त कमल किशोर ने शरीर की 206 हड्डियों की मजबूती पर बल देते हुए कहा कि हड्डियाँ ही शरीर का आधार हैं जो मानव को आकार प्रदान करती हैं। हड्डियों के जोड़ों से मानव की गति यथा चलना, हिलना, घूमना, भोजन करना होती हैं। इनके कमजोर होने पर शरीर में पीड़ाएँ होकर सभी तरह कि गतिविधियां बाधित हो जाती हैं। बीएमडी जांच करने वालों में अरुणेंद्र प्रताप सिंह, सागर चैहान, शिवम गिलहोत्रा और कुमारी अनमोल की सराहनीय भूमिका रही। शिविर की सफलता में अखाड़ा समन्वयक अवतार सिंह मिगलानी, निशांत वत्स, श्रवण पांडे, अरविंद राणा, श्रीमती संगीता राजपूत, जसवीर सिंह, प्रदीप कुमार, राहुल सैनी, वीना बजाज, मनीषा, श्रीमती गुंजन, श्रीमती अंजलि, एन के शर्मा, संदीप शर्मा ने अपना योगदान दिया।








