शहरी चौपाल ब्यूरो
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस की बुकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ताओं को एक एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर बुक कराने के लिए 21 दिनों के बजाय 25 दिनों का इंतजार करना होगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और संभावित कालाबाजारी को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव की स्थिति बन रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे एलपीजी उत्पादन बढ़ाएं और इस अतिरिक्त उत्पादन का उपयोग घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने में किया जाए।

मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्तर पर सिलेंडरों की जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग न हो। इसी उद्देश्य से एलपीजी सिलेंडर की दूसरी बुकिंग के बीच का अंतराल बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
नए नियम के तहत आयातित एलपीजी की आपूर्ति को आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों जैसे अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों जैसे होटल, रेस्टोरेंट और औद्योगिक इकाइयों को एलपीजी आपूर्ति से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए तेल विपणन कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति गठित की गई है, जो प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर निर्णय लेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में कुछ उपभोक्ताओं द्वारा सामान्य जरूरत से पहले ही बार-बार गैस सिलेंडर बुक करने की घटनाएं सामने आई थीं। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण लोगों में चिंता का माहौल भी देखा गया, जिसके चलते कुछ स्थानों पर जल्दबाजी में सिलेंडर बुक कराने की प्रवृत्ति बढ़ी। इससे वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं के लिए गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका पैदा हो रही थी।
सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और इसका उद्देश्य घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को संतुलित और सुचारु बनाए रखना है। अधिकारियों के अनुसार नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। सभी तेल रिफाइनरियों और तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय मांग को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखें।
सरकार के अनुसार वर्तमान समय में उसकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि देशभर में घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बिना किसी बाधा के जारी रहे और आम लोगों को दैनिक जीवन की इस आवश्यक सुविधा के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।








