शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। इसके तहत पूरे प्रदेश में प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और लगातार छापेमारी व निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
चार हजार से अधिक निरीक्षण, दर्जनों एफआईआर
12 मार्च से अब तक प्रदेशभर में कुल 4,816 निरीक्षण और छापेमारी की गई हैं। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 60 एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 67 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।
एलपीजी स्टॉक पर कड़ी निगरानी
प्रदेश में 4,108 एलपीजी वितरकों के यहां उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुरूप गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित कराने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। स्टॉक की नियमित समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता अनुसार रिफिल की उपलब्धता पर नजर बनाए रखी जा रही है।
कंट्रोल रूम और फील्ड में अधिकारी सक्रिय
खाद्य आयुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके साथ ही होम कंट्रोल और जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं तक समय पर एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
सरकार की इस सख्ती से प्रदेश में गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।









