शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इसी बीच आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के एक बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया गया उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में कहा कि “हम संघर्ष करने वाले लोग हैं, हम सज्जन लोग हैं और संवैधानिक दायरे में रहकर काम करते हैं। हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं, उसका जूता बनाना भी जानते हैं और समय आने पर उसे सिर पर पटककर मारना भी जानते हैं।” हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे करणी सेना के एक पदाधिकारी के बयान पर पलटवार के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल, करणी सेना के एक प्रदेश पदाधिकारी द्वारा यह बयान दिया गया था कि चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी की धरती पर कदम नहीं रखने दिया जाएगा। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिसने सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है।
जनसभाओं में जुट रही भीड़, बढ़ रहा राजनीतिक प्रभाव
चंद्रशेखर आजाद इन दिनों प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसभाएं कर रहे हैं। बाराबंकी के मंजीठा क्षेत्र में आयोजित सभा में हजारों की भीड़ उमड़ी, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। कांशीराम जयंती और पार्टी स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि बहुजन समाज को उसका अधिकार दिलाया जाएगा और जो लोग रास्ता रोक रहे हैं, उनका हिसाब समय आने पर किया जाएगा।
सभा के दौरान उन्होंने कांशीराम के सपनों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में बहुजन समाज का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और एक दिन दिल्ली की सत्ता पर भी बहुजन समाज का नेतृत्व स्थापित होगा।
प्रदेश सरकार पर तीखे हमले, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं है और कई आपराधिक घटनाएं इसका उदाहरण हैं।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कानून व्यवस्था को लेकर किए गए दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “अगर हर चौराहे पर यमराज खड़े हैं, तो फिर अपराध क्यों हो रहे हैं? और जब अपराधी सत्ता से जुड़े होते हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं होती?”
संविधान के प्रति प्रतिबद्धता की बात दोहराई
अपने बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई देते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह संविधान में विश्वास रखती है और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है, जबकि उनका उद्देश्य केवल अपने समाज के आत्मसम्मान की बात करना है।
चुनाव से पहले बढ़ी बयानबाजी, सियासी पारा चढ़ा
राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही नेताओं की बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। चंद्रशेखर आजाद के इस बयान ने जहां उनके समर्थकों में जोश भर दिया है, वहीं विपक्षी दलों और अन्य संगठनों में इसे लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह की बयानबाजी आगे और तेज हो सकती है। ऐसे में प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और अधिक उबाल देखने को मिल सकता है।








