शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर नवरात्र के पावन पर्व में उपवास के दौरान खानपान में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। हृदय रोग विशेषज्ञ एवं फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि इस दौरान सामान्य व्यक्ति और डायबिटीज व हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को अलग-अलग आहार अपनाना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
सामान्य व्यक्ति के लिए आहार
विशेषज्ञ के अनुसार सामान्य व्यक्ति को दिनभर में 2 से 3 लीटर पानी, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन करना चाहिए। ऊर्जा बनाए रखने के लिए खजूर, चीकू जैसे हाई कैलोरी फल दिन में 3 से 4 बार लेने चाहिए।
इसके अलावा पपीता, सेब, संतरा, अनार और अनानास जैसे मीडियम कैलोरी फल दिन में कम से कम दो बार सेवन करने चाहिए। शाम के समय गाजर का हलवा लिया जा सकता है। कूटू के आटे या सिंघाड़े की पूरी 3 से 4 तक सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए, अधिक सेवन से एसिडिटी और सिरदर्द की समस्या हो सकती है।
इन चीजों से रखें दूरी
नवरात्र के दौरान सड़क किनारे बिकने वाले कटे फल, खुले जूस और बाहर का चाट-पकौड़ी खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
मरीजों के लिए विशेष आहार
डायबिटीज, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप के मरीजों को हल्का और संतुलित आहार लेना चाहिए। इनमें लौकी का हलवा, सांवा के चावल के साथ दही, खीरा, टमाटर, गाजर, करेला, कद्दू और सोयाबीन शामिल किए जा सकते हैं।
फल के रूप में सेब, संतरा, सीमित मात्रा में पपीता और मौसमी का सेवन लाभकारी है। साथ ही नारियल पाग और खरबूजे के बीज भी खाए जा सकते हैं। सिंघाड़े की पूरी दो से अधिक न लें और साबूदाने की खीर सीमित मात्रा में ही सेवन करें।
इन चीजों से मरीज करें परहेज
मरीजों को तली-भुनी चीजों से पूरी तरह बचना चाहिए, जैसे फ्राई आलू चिप्स, तले हुए ड्राई फ्रूट्स और आलू के पकौड़े। इसके अलावा खजूर, चीकू और केला जैसे अधिक शुगर वाले फल भी सीमित या परहेज में रखें।
विशेषज्ञों का कहना है कि नवरात्र के दौरान सही खानपान और संयम से न केवल व्रत सफल होता है, बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता है।








