शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सहारनपुर विकास प्राधिकरण द्वारा सील किया गया “रुतबा बैंक्विट हॉल” कुछ ही घंटों में दोबारा खुला नजर आया। इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्रवाई की गंभीरता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जाता है कि बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण होने पर प्राधिकरण ने “रुतबा बैंक्विट हॉल” को सील किया था। उपाध्यक्ष संतोष कुमार राय के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम बताया गया था। इस दौरान प्रेस नोट जारी कर सख्ती का संदेश भी दिया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
हालांकि, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग सामने आई। जिस सील को सख्ती का प्रतीक बताया गया था, वह कुछ ही घंटों में हट गई और बैंक्विट हॉल पहले की तरह संचालित होता नजर आया। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किसके इशारे पर सील हटाई गई और क्या यह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता भर थी।
शहर में चर्चा है कि छोटे निर्माणों पर सख्ती दिखाने वाला तंत्र इस मामले में खामोश क्यों है। न तो प्राधिकरण की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने आई है और न ही दोबारा कोई कार्रवाई की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला इस बात की ओर भी इशारा करता है कि क्या कानून का पालन सभी पर समान रूप से लागू होता है या फिर रसूख के आगे नियम कमजोर पड़ जाते हैं।
फिलहाल “रुतबा” नाम के अनुरूप ही अपनी स्थिति बनाए हुए है, जबकि प्राधिकरण की कार्रवाई सवालों के घेरे में है।








