शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि पर्व-त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की सार्वजनिक उद्दंडता या माहौल बिगाड़ने की कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर हाल में शांति, सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी और धार्मिक आयोजनों में केवल परंपरागत स्वरूप का ही पालन कराया जाए, नई परंपराओं को अनुमति न दी जाए।

नवरात्र, जुमे की नमाज और ईद को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गुरुवार से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्र, 20 मार्च को अलविदा की नमाज और 21 मार्च को ईद-उल-फितर के मद्देनज़र व्यापक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन, पेयजल, प्रकाश और स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।
अपराध पर सख्ती, पीआरवी-112 की गश्त बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में हाल की आपराधिक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से कार्रवाई का ब्यौरा लिया। उन्होंने कहा कि अपराध की एक भी घटना पूरे समाज का माहौल बिगाड़ती है, इसलिए हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए।
चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने पीआरवी-112 वाहनों की गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए और कहा कि अपराधियों में पुलिस का खौफ होना चाहिए।
लाउडस्पीकर, स्टंटबाजी और कालाबाजारी पर भी सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर ही रखी जाए, अन्यथा हटाने की कार्रवाई की जाए। बाइक स्टंटबाजी पर नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल रोकने के निर्देश दिए।
एलपीजी आपूर्ति को लेकर उन्होंने कहा कि कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विशेष आयोजनों और व्यवस्थाओं पर भी जोर
अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, नोडल अधिकारियों की तैनाती और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक से पूर्व पुलिस महानिदेशक ने जानकारी दी कि नवरात्र, ईद-उल-फितर और श्रीरामनवमी के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है और फुट पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारी और शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








