Yogi Adityanath का निर्देश: कार्यकर्ताओं की समस्याएं तुरंत हल करें मंत्री, संघ फीडबैक के बाद सख्ती

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को कार्यकर्ताओं की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए। संघ की बैठकों में मिली शिकायतों के बाद सरकार सख्त, साथ ही एलपीजी, खाद आपूर्ति और बजट खर्च बढ़ाने पर जोर।

 

लखनऊ। Yogi Adityanath ने प्रदेश सरकार के मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संवेदनशीलता के साथ हल करें। सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  और भाजपा के विभिन्न सांगठनिक क्षेत्रों में हुई समन्वय बैठकों के दौरान कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक में मंत्रियों के व्यवहार और शिकायतों की अनदेखी की बात सामने आई थी। इसी के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ गहन चर्चा की और सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों का नियमित दौरा करें और जिला, मंडल तथा ब्लॉक स्तर तक के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि समस्याओं का यथासंभव तत्काल समाधान किया जाए और यदि किसी कारण से देरी हो तो संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।

बैठक में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने वर्तमान में चल रही एलपीजी की कमी को देखते हुए गैस सिलेंडर आपूर्ति व्यवस्था की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खाद की उपलब्धता का आकलन कर समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी लाभार्थी योजनाओं से वंचित न रहे।

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में एक भी पात्र नागरिक मतदाता बनने से न छूटे। जिन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या कम है, वहां फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।

बजट खर्च की रफ्तार बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट पर तेजी से कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में ही कार्ययोजनाओं को स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ किया जाए और शुरुआती छह महीनों में अधिकतम बजट खर्च सुनिश्चित किया जाए। कुछ विभागों में धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विभाग में 80 प्रतिशत से कम बजट उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सरकार के इस सख्त रुख को कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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