शहरी चौपाल ब्यूरो
New Delhi। देश में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। केंद्रीय स्तर पर चल रही कार्रवाई के तहत अब तक 642 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ही करीब 3,400 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें लगभग 1,000 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। आंध्र प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं।
सरकार ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने रिटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर 1,500 से अधिक सरप्राइज निरीक्षण किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ अफवाहों के कारण कुछ क्षेत्रों में पैनिक बाइंग देखी गई, जिससे रिटेल आउटलेट्स पर भीड़ बढ़ी और बिक्री में असामान्य तेजी आई। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थिति सामान्य बनाए रखें।
ऊर्जा आपूर्ति के मोर्चे पर सरकार ने बताया कि प्राथमिक क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित आपूर्ति दी जा रही है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी ट्रांसपोर्ट सेक्टर को 100 प्रतिशत आपूर्ति जारी है, जबकि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को औसत खपत का लगभग 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीन जैसे प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दी जाए। सोमवार को देश के शीर्ष 110 भौगोलिक क्षेत्रों में 7,500 से अधिक घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन जारी या सक्रिय किए गए।
इसके अलावा 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गैर-घरेलू एलपीजी वितरण के आदेश जारी कर दिए हैं। अन्य राज्यों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं।
मंत्रालय के अनुसार, 14 मार्च से अब तक कमर्शियल उपभोक्ताओं द्वारा लगभग 18,784 मीट्रिक टन एलपीजी की उठान की गई है। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसीन आवंटित किया गया है, ताकि जरूरत के अनुसार वितरण किया जा सके।
सरकार का कहना है कि आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रित है और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








