शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ, । उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कथित कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्थिति को पूरी तरह सामान्य बताया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी जिलों में ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है और किसी भी प्रकार का कोई संकट नहीं है।
प्रदेश के प्रमुख सचिव (खाद्य एवं रसद) रणवीर प्रसाद ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही पेट्रोल-डीजल की कमी से संबंधित खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में आकर पेट्रोल या डीजल की अनावश्यक खरीदारी न करें। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घबराहट कृत्रिम संकट पैदा कर सकती है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
बयान में यह भी कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचनाएं फैलाकर लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। इन संदेशों में ईंधन की कमी या आपूर्ति बाधित होने की बात कही जा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।
सरकार ने चेतावनी दी है कि भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ऐसे लोगों की पहचान करने में जुटा हुआ है और साइबर सेल को भी सतर्क कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की अफवाहें न केवल जनता में भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।
राज्य सरकार ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पेट्रोल पंपों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखें और कहीं भी आपूर्ति में बाधा आने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में आम जनता को परेशानी न हो।
इस बीच, सर्वेश वाजपेई ने भी स्थिति को सामान्य बताते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और सभी पेट्रोल पंप 24 घंटे संचालित हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन खरीदें।
सरकार के अनुसार प्रदेश में ईंधन आपूर्ति की मजबूत व्यवस्था है, जिसमें तेल कंपनियों, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन के बीच निरंतर समन्वय बना रहता है। यही कारण है कि किसी भी संभावित समस्या का त्वरित समाधान किया जा सकता है।
अंत में सरकार ने जनता को आश्वस्त किया कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पेट्रोल-डीजल को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और प्रदेश में आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।








