नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके वैश्विक प्रभावों के मद्देनज़र केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ करीब सवा दो घंटे तक चली एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की, जिसमें ऊर्जा आपूर्ति, आर्थिक स्थिति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश में किसी भी प्रकार का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में “टीम इंडिया” की भावना के साथ केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सरकारें मिलकर इस चुनौतीपूर्ण समय का सफलतापूर्वक सामना करेंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और सप्लाई चेन को मजबूत रखना शामिल है। उन्होंने राज्यों से अपील की कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रखी जाए और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। वहीं राज्यों की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र को लेकर विशेष चिंता जताई और उर्वरकों के भंडारण तथा वितरण की नियमित निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अग्रिम योजना बनाकर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाया जा सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने शिपिंग, समुद्री परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया और तटीय व सीमावर्ती राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने बैठक में अफवाहों के खतरे को भी गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवेदनशील समय में भ्रामक जानकारी हालात को बिगाड़ सकती है। सभी राज्यों को निर्देश दिए गए कि वे केवल प्रमाणिक जानकारी ही जनता तक पहुंचाएं और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जनता को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया का संकट वैश्विक स्तर पर असर डाल रहा है और इसका प्रभाव अर्थव्यवस्था, व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय कार्यरत हैं, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समय एकजुट होकर काम करने का है और यदि केंद्र व राज्य “टीम इंडिया” की भावना से आगे बढ़ते हैं, तो देश इस वैश्विक संकट से मजबूती के साथ उभरेगा। यह बैठक देशवासियों के लिए एक भरोसेमंद संदेश लेकर आई है कि सरकार हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।








