शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। प्रदीप नरवाल, जो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी हैं, ने कहा कि आम कार्यकर्ता को मजबूत करना ही उनकी जिम्मेदारी और दौरे का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार बनना तय है।
प्रदीप नरवाल गुरुद्वारा रोड स्थित महानगर कार्यालय पर आयोजित संगठन सृजनात्मक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होते हैं और उनका मनोबल एवं कर्मठता ही संगठन की वास्तविक ताकत होती है।
उन्होंने बूथ, पंचायत, ब्लॉक और मंडल स्तर पर संगठन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की और कार्यकर्ताओं से भविष्य की रणनीति साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत बनाकर आने वाले विधानसभा और पंचायत चुनावों में जीत का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
नरवाल ने सहारनपुर को कांग्रेस का मजबूत गढ़ बताते हुए कहा कि वर्ष 2017 में जब पूरे प्रदेश में कांग्रेस के केवल 7 विधायक थे, तब सहारनपुर ने एक विधायक देकर अपनी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने काजी इमरान मसूद का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वे संसद या सार्वजनिक मंचों पर बोलते हैं, तो उनकी बात पूरे प्रदेश और देश में सुनी जाती है।
उन्होंने कहा कि सहारनपुर की इस राजनीतिक परंपरा को आगे बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि मजबूत कांग्रेस से ही इंडिया गठबंधन भी मजबूत होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोकसभा चुनाव 2024 में गठबंधन की मजबूती के कारण सहारनपुर मंडल की तीनों लोकसभा सीटों पर विजय प्राप्त हुई और प्रदेश की 250 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल की गई।
बैठक में पूर्व राज्य मंत्री शायान मसूद ने भी कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. मेहरबान आलम, एआईसीसी सदस्य चौधरी मुजफ्फर अली, सांसद प्रतिनिधि संदीप वर्मा, पूर्व प्रदेश सचिव प्रवीण चौधरी, अशोक सैनी, सत्यम भूरियान सैनी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता काजी शौकत हुसैन, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष विनय राणा, अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश महासचिव अरविंद पालीवाल, प्रदेश सचिव सतपाल बर्मन सहित जिला उपाध्यक्षगण, सभी 11 ब्लॉक एवं 70 सेक्टर अध्यक्षों तथा विभिन्न फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और उत्साह ने संगठन की मजबूती का स्पष्ट संकेत दिया।








