लखनऊ/कानपुर। उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर खतरनाक रुख अपना लिया है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी राहत की उम्मीद कम है और 7 से 9 अप्रैल के बीच फिर से आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
कई जिलों में तेज आंधी और बारिश
शनिवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। कानपुर में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी के साथ सबसे अधिक 21.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि लखनऊ में 15 मिमी वर्षा हुई। झांसी में ओलावृष्टि ने स्थिति और खराब कर दी।
एनसीआर क्षेत्र के साथ-साथ उन्नाव, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, हरदोई और फतेहपुर में भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की घटनाएं सामने आईं।
हादसों में कई लोगों की मौत
आंधी और बारिश के कारण हुए हादसों में कानपुर में चार लोगों की मौत हो गई। सीतापुर में एक महिला और कासगंज में भाई-बहन की जान चली गई। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।

किसानों पर सबसे ज्यादा असर
इस बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के चलते खेतों में खड़ी चना, गेहूं, सरसों और अरहर की फसलें बर्बाद हो गई हैं। बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा और जालौन में भारी नुकसान की खबरें हैं।
कानपुर में 200 पेड़ गिरे, ट्रेन संचालन प्रभावित
कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में आंधी-बारिश ने भारी तबाही मचाई। करीब 200 से ज्यादा पेड़ गिर गए और 92 से अधिक बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित रही।
दिल्ली-हावड़ा, कानपुर-झांसी और कानपुर-फर्रुखाबाद रेल मार्ग पर पेड़ गिरने से 22 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुईं। हालांकि मरम्मत कार्य के बाद सेवाएं सामान्य कर दी गईं।

सीएम का सख्त निर्देश: 24 घंटे में मुआवजा
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने जिलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशुहानि और घायलों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल क्षति का सही आकलन कर जल्द राहत उपलब्ध कराई जाए।
किसानों के लिए जरूरी सूचना
जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, वे नुकसान की स्थिति में 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। खलिहान में रखी फसल भी 14 दिन तक बीमा कवर में शामिल है।
आगे का मौसम कैसा रहेगा?
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार 5 अप्रैल से मौसम में सुधार होगा और 6 अप्रैल को मौसम शुष्क रह सकता है।
हालांकि, 7 से 9 अप्रैल के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे फिर आंधी-तूफान और बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार बारिश का असर सेंट्रल यूपी से पूर्वांचल की ओर शिफ्ट हो सकता है। तापमान में भी 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तापमान का हाल
शनिवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान बहराइच में 38.2°C दर्ज किया गया।
कानपुर में 38°C, बांदा में 37.4°C, झांसी और हमीरपुर में 37.2°C तापमान रिकॉर्ड हुआ।
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज फिलहाल अस्थिर बना हुआ है। जहां एक ओर आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन आने वाले दिनों में फिर से मौसम खराब होने की आशंका चिंता बढ़ा रही है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई








