शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) एवं माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को “इनोवेशन एवं एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स” विषय पर एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उद्योग और शिक्षा जगत के बीच समन्वय को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए दोनों संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
कार्यक्रम में आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजी सुनेजा के नेतृत्व में लगभग 15 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में आईआईए पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वाई. विमला का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।
संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से परिचित कराना, उन्हें व्यवहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना तथा रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार करना रहा। इस दौरान आईआईए की ओर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद सडाना एवं चैप्टर सचिव कुशल शर्मा तथा विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार कमल कृष्ण एवं फाइनेंस मैनेजर श्री त्रिपाठी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, औद्योगिक भ्रमण, विशेषज्ञ व्याख्यान और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही युवाओं में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
कुलपति प्रो. वाई. विमला ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को कौशल और व्यवहारिक ज्ञान से सशक्त बनाना भी है। उन्होंने कहा कि उद्योग और शिक्षा के बीच इस प्रकार का सहयोग विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
वहीं आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजी सुनेजा ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी दक्षता भी जरूरी है। इस प्रकार की साझेदारी विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद सडाना ने कहा कि “शिक्षा समाज की नींव है, जबकि उद्योग उसका व्यावहारिक रूप है। जब दोनों का समन्वय होता है, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।” उन्होंने इस एमओयू को एक मजबूत सेतु बताते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों को सीखने के साथ-साथ रोजगार से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
कार्यक्रम में सीईसी सदस्य कृष्ण राजीव सिंघल, मंडलीय अध्यक्ष सतीश अरोड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र मोहन कालड़ा, अशोक गांधी, संदीप गुप्ता, अतीश गुप्ता, प्रेम क्वात्रा, अनुज जैन और अविजीत सिंह छाबड़ा सहित अन्य गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
अंत में आईआईए पदाधिकारियों द्वारा कुलपति प्रो. वाई. विमला को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिलेंगे।








