शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण और मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर सहारनपुर नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नगरायुक्त शिपू गिरि ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए साफ कहा है कि वे अपनी कार्यशैली, व्यवहार और सेवा के माध्यम से नगर निगम की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करें।
शाकुंभरी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान नगरायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अगले एक सप्ताह तक फील्ड में रहकर अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को सुधारने का कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगरायुक्त ने शहर की साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सभी इमारतों, सार्वजनिक शौचालयों और एमआरएफ सेंटरों की स्थिति बेहतर होनी चाहिए और कहीं भी पेंटिंग अधूरी न रहे। इसके साथ ही प्रमुख बाजारों, सड़कों, चौराहों और तिराहों पर साफ-सफाई के साथ स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। सड़कों पर गड्ढों को तत्काल भरने और फव्वारों को चालू स्थिति में रखने पर भी जोर दिया गया।
मोहल्लों और कॉलोनियों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश देते हुए सफाई निरीक्षकों और नायकों को कहा गया कि वे स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर नालों और नालियों की सफाई सुनिश्चित करें। साथ ही प्रत्येक दिन कम से कम दो क्षेत्रों में वृहद सफाई अभियान चलाया जाए।
नगरायुक्त ने शहर के वेंडरों को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ने की पहल करते हुए उन्हें अपने-अपने ठेलों के पास डस्टबिन रखने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि जो वेंडर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखेंगे, उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में ज्ञानागढ़, हुसैनबस्ती, मातागढ़, पुराना घास कांटा और कमेला कॉलोनी स्थित एमआरएफ सेंटरों की स्थिति की समीक्षा की गई। नगरायुक्त ने इन स्थानों पर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इसके अलावा शहर में साइनेज और दिशा संकेतक लगाने तथा सार्वजनिक शौचालयों पर स्वच्छता संदेश लिखने के निर्देश भी दिए गए।
विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए नगरायुक्त ने वेस्ट टू वंडर पार्क के निर्माण, नालों की नियमित सफाई, वेंडर जोन के निरीक्षण, तालाबों के रखरखाव और एसटीपी प्लांट की सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जोनल अधिकारियों को हर माह पांच लाख रुपये तक के विकास कार्य कराने के अधिकार भी प्रदान किए।
अंत में नगरायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की इस सख्ती के बाद शहर में स्वच्छता और व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।








