शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद सहारनपुर के ग्राम भायला निवासी होनहार युवा विशेष प्रजापति ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की वर्ष 2025 की परीक्षा में 37वीं रैंक प्राप्त कर समीक्षा अधिकारी (Review Officer) के पद पर चयनित होकर पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे प्रजापति समाज में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ गई है।
विशेष प्रजापति की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं। विशेष ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन, गुरुजनों के आशीर्वाद और अपनी निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
गांव के एक सामान्य परिवार से निकलकर प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विशेष प्रजापति ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता। उनकी सफलता से क्षेत्र के युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस ऐतिहासिक सफलता के बाद सहारनपुर शहर स्थित ऋषिपाल प्रजापति के आवास पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रजापति समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विशेष प्रजापति का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया तथा उन्हें शॉल ओढ़ाकर और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पूरा माहौल उत्सवमय हो गया।
कार्यक्रम में उपस्थित समाज के वरिष्ठजनों और गणमान्य लोगों ने विशेष प्रजापति को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि विशेष जैसे युवा समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।
समारोह में वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे भी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर ध्यान दें और अपने जीवन में ऊंचाइयों को छूने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विशेष प्रजापति की सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
विशेष प्रजापति की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि सही दिशा और मेहनत से कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है।








