दसलक्षण महापर्व: नानौता जैन मंदिर में श्रद्धा से मनाया गया उत्तम आर्जव धर्म

मन, वचन और कर्म में सरलता ही सच्चा धर्म है - जिनेंद्र जैन (काकू)

फैय्याज अली आब्दी 

नानौता (सहारनपुर)। श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर नानौता में चल रहे दसलक्षण महापर्व के तीसरे दिन बुधवार को ‘उत्तम आर्जव धर्म’ बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल पारंपरिक विधि-विधान के साथ जिनेंद्र प्रभु के अभिषेक, शांतिधारा एवं नित्य-नियम पूजन से हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने दसलक्षण पूजा कर प्रभु के चरणों में भक्तिभाव से अर्घ्य समर्पित किए। जिनेंद्र देव के अभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य छोटनलाल जैन, सुनील जैन, अभिषेक जैन, हर्ष जैन, शुभव जैन, मनोज जैन, पंकज जैन, अजय जैन एवं चिंतामणि जैन को प्राप्त हुआ। धर्मसभा को संबोधित करते हुए जिनेंद्र जैन (काकू) ने उत्तम आर्जव धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मन, वचन और काय में सरलता रखना और छल-कपट का त्याग करना ही उत्तम आर्जव धर्म है। उन्होंने कहा कि भीतर और बाहर एक समान रहकर निष्कपट व्यवहार करने से ही आत्म-कल्याण संभव है।

इस अवसर पर अनिल जैन, तरुण जैन, रोबिन जैन सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।

मंदिर प्रबंध समिति ने सभी श्रद्धालुओं से महापर्व के शेष दिनों में भी संयम, तप और त्याग के साथ प्रभु भक्ति में लीन रहने का आह्वान किया। शाम को जैन भवन प्रांगण में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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