शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मंगलवार को सहारनपुर आगमन को लेकर संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे में संगठनात्मक बैठकों और पार्टी के पुराने एवं वर्तमान पदाधिकारियों से संवाद का कार्यक्रम निर्धारित है। ऐसे में उनके स्वागत को लेकर शहर में अलग-अलग स्थानों पर तैयारियां और पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। पार्टी की ओर से यह दौरा संगठन को मजबूत करने और जमीनी तैयारियों का फीडबैक लेने से जुड़ा बताया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर तय कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली रोड स्थित ग्रैंड रिसोर्ट के निकट दी कैफे ताज में पूर्व सांसद राघव लखन पाल और उनके समर्थकों की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद बलियाखेड़ी ब्लॉक के सामने जनप्रतिनिधियों की ओर से स्वागत कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अंबाला रोड स्थित सरोवर पोर्टिको पहुंचेंगे, जहां संगठनात्मक बैठकों का दौर होना है। और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी ।

यहीं से सहारनपुर भाजपा की अंदरूनी तस्वीर को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। शहर में अलग-अलग नेताओं के नाम और फोटो वाले अलग-अलग पोस्टर दिखाई दे रहे हैं। अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग नेताओं की ओर से स्वागत की तैयारियां कार्यकर्ताओं के सामने एक सवाल खड़ा कर रही हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के दौरान उन्हें किस मंच पर और किस नेता के साथ खड़ा होना है?

सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व इस दौरे में संगठन की जमीनी स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और चुनावी तैयारियों का फीडबैक लेने के उद्देश्य से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संवाद कर रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के सहारनपुर कार्यक्रम में पूर्व सांसदों, विधायकों और अन्य पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ वर्तमान संगठनात्मक पदाधिकारियों से भी बातचीत प्रस्तावित है।

ऐसे में स्वागत के लिए अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन किस तरह का संदेश देता है, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि अलग-अलग नेताओं या समर्थकों द्वारा अपने स्तर पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित करना अपने आप में गुटबाजी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। लेकिन एक ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए कई स्थानों पर अलग-अलग नेताओं के पोस्टर और कार्यक्रम होने से संगठन के भीतर खींचतान की चर्चाओं को जरूर हवा मिल रही है।

सड़कों और प्रमुख मार्गों पर लगे पोस्टरों में नेताओं की तस्वीरों को लेकर भी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाएं हैं। कहीं किसी नेता का चेहरा प्रमुख नजर आ रहा है तो कहीं किसी दूसरे नेता को अधिक स्थान दिया गया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या स्वागत की तैयारियां वास्तव में संगठन की सामूहिक ताकत दिखाने के लिए हैं या फिर स्थानीय नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी-अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं?

सबसे बड़ा सवाल भाजपा के उस सामान्य कार्यकर्ता को लेकर भी है, जो बूथ से लेकर मंडल स्तर तक संगठन के कार्यक्रमों में भूमिका निभाता है। अलग-अलग स्वागत कार्यक्रमों के बीच उसके सामने यह स्थिति बन सकती है कि वह किस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए। यदि वह एक स्थान पर रहता है तो दूसरे नेता के कार्यक्रम में उसकी अनुपस्थिति को किस नजर से देखा जाएगा और यदि वह सभी स्थानों पर पहुंचने का प्रयास करता है तो उसके लिए यह कितना व्यावहारिक होगा?

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक तैयारियों को गति दे रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सहारनपुर में पुराने नेताओं और वर्तमान पदाधिकारियों से अलग-अलग संवाद की योजना है। इसका उद्देश्य पुराने अनुभव और मौजूदा संगठन की स्थिति से फीडबैक लेना बताया गया है।
ऐसे में सहारनपुर के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संगठन के सामने भी अपनी एकजुटता दिखाने का अवसर है। सवाल यह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को शहर में स्वागत के दौरान भाजपा की सामूहिक ताकत दिखाई देगी या अलग-अलग स्वागत स्थलों और पोस्टरों के जरिए स्थानीय राजनीतिक खेमों की अलग-अलग मौजूदगी ज्यादा नजर आएगी?

मंगलवार को नितिन नवीन के सहारनपुर पहुंचने के बाद यह तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है कि स्वागत कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं और नेताओं की भागीदारी किस स्वरूप में रहती है। इसके बाद सरोवर पोर्टिको में होने वाली संगठनात्मक बैठकों में पुराने नेताओं और वर्तमान पदाधिकारियों के साथ संवाद भी महत्वपूर्ण रहेगा। राष्ट्रीय नेतृत्व को स्थानीय संगठन की ओर से मिलने वाला फीडबैक और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय की स्थिति इस दौरे का अहम हिस्सा रहेगी।








