शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की पुरानी मांगों के क्रियान्वयन में देरी के विरोध में लेखपालों ने मंगलवार को अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। तहसील क्षेत्र में अतिरिक्त चार्ज के 41 बस्ते रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में जमा कराए गए। लेखपालों के इस कदम से करीब 80 गांवों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की संभावना है।

लेखपाल संघ के अध्यक्ष राकेश सोलंकी और सचिव सुशील कश्यप ने बताया कि गत 2 अगस्त को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ और शासन के अधिकारियों के बीच मांगों को लेकर वार्ता हुई थी। वार्ता के बाद संघ की पुरानी मांगों के क्रियान्वयन को लेकर कार्यवृत्त जारी किया जाना था, लेकिन उनका आरोप है कि शासन स्तर से मांगों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश संगठन के निर्णय के अनुसार 22 सितंबर को प्रदेशभर के तहसील मुख्यालयों पर विरोध स्वरूप लेखपालों ने अपने मूल हलके के अतिरिक्त मिले चार्ज के बस्ते जमा किए हैं। इसी क्रम में नकुड़ तहसील के 41 अतिरिक्त चार्ज के बस्ते रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में सौंपे गए।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार स्टेशनरी भत्ता और साइकिल भत्ता बढ़ाने, ऑनलाइन कार्यों के लिए तकनीकी पद घोषित करने समेत कई पुरानी मांगें लंबित हैं। मांगों के निस्तारण तक अतिरिक्त हलकों का कार्य नहीं करने की बात कही गई है।
41 अतिरिक्त हलकों का चार्ज छोड़े जाने से करीब 80 गांवों में राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिससे ग्रामीणों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रजिस्ट्रार कानूनगो विनय कुमार ने बताया कि लेखपाल संघ द्वारा जमा कराए गए बस्तों के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।








