शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नकुड़ थाना क्षेत्र के नल्हेड़ा गांव में जीएनएम की छात्रा द्वारा मारपीट, अभद्रता और तमंचे दिखाकर जान से मारने की धमकी देने के आरोपों पर कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को उसके रिटायर्ड दरोगा पिता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर हंगामा कर दिया। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बुजुर्ग पूर्व दरोगा को अपने पास बुलाकर उनकी पूरी बात सुनी और शिकायत के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। नल्हेड़ा गांव निवासी प्रीति ने एसएसपी को दिए प्रार्थना-पत्र में गांव के अमित कुमार और मनोज कुमार समेत कई लोगों पर घर में घुसकर उसके और उसकी बहन के साथ मारपीट व अभद्रता करने तथा तमंचे दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। प्रीति के अनुसार, वह जीएनएम तृतीय वर्ष की छात्रा है और देवबंद स्थित श्री धन्वंतरि पैरामेडिकल कॉलेज में पढ़ती है। उसकी बहन उपासना भी इसी कॉलेज में जीएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा है। आरोप है कि घटना के समय दोनों बहनें घर के कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रही थीं। इसी दौरान अमित कुमार और मनोज कुमार कथित रूप से तमंचे लेकर कमरे में घुस आए और दोनों के साथ मारपीट व अभद्रता की। प्रार्थना-पत्र में तमंचे से मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। प्रीति का कहना है कि दोनों बहनों के शोर मचाने पर उनकी मां और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद दूसरे पक्ष के कुछ लोग भी लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर वहां पहुंच गए तथा जान से मारने और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने की धमकी दी। प्रीति के मुताबिक घटना के बाद वह अपनी मां और अन्य लोगों के साथ अंबेहटा पीर पुलिस चैकी पहुंची, लेकिन शिकायत देने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद परिवार नकुड़ थाने पहुंचा, जहां भी मुकदमा दर्ज न होने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने पुलिस पर मेडिकल परीक्षण नहीं कराने का भी आरोप लगाया। बाद में वह सहारनपुर के एसबीडी बाजोरिया अस्पताल पहुंची, जहां चिकित्सक ने पट्टी की, लेकिन भर्ती नहीं किया गया और मेडिकल नहीं कराया गया। बेटी की शिकायत पर कई स्तरों पर कार्रवाई न होने से नाराज रिटायर्ड दरोगा विनोद कुमार गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे और अपनी नाराजगी जताई। देखते ही देखते वहां हंगामा शुरू हो गया। शोर बढ़ने पर एसएसपी अभिनंदन सिंह ने उन्हें बुलाकर मामले की जानकारी ली। रिटायर्ड दरोगा ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने, निष्पक्ष जांच कराने और मेडिकल परीक्षण कराए जाने की मांग की। एसएसपी ने शिकायत सुनने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई का भरोसा दिलाया।








