।शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। पंचकूला-रुड़की नेशनल हाईवे-344ए पर शनिवार तड़के रफ्तार और आगे निकलने की होड़ ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। यमुनानगर की ओर से देहरादून जा रही भूसे से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां एक-दूसरे से आगे निकलने के प्रयास में अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे गहरी खाई में पलट गईं। हादसे में तीन लोग घायल हो गए, जबकि भूसे के नीचे दबने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही सीओ नकुड़ जितेंद्र कुमार सिंह, थाना सरसावा प्रभारी प्रवेश कुमार शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फायर सर्विस और हाईवे मेंटिनेंस टीम को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। बताया जाता है कि दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां यमुनानगर की ओर से देहरादून की तरफ जा रही थीं। गांव जगता नजीब के पास दोनों में आगे निकलने की होड़ शुरू हो गई। इसी दौरान दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की साइड लग गई और चालक नियंत्रण खो बैठे। देखते ही देखते दोनों वाहन सड़क से उतरकर खाई में जा पलटे। हादसे में ग्राम नौजली, थाना नागल निवासी शौकीन, उस्मान और बारू घायल हो गए। वहीं वाशिम पुत्र जुल्फिकार और गुलजार भी ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ खाई में गिरे भूसे के नीचे दब गए। दोनों को निकालना राहत दल के लिए बड़ी चुनौती बन गया। फायर सर्विस और हाईवे टीम ने घंटों मशक्कत के बाद भूसा हटाकर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन अस्पताल पहुंचे और पुलिस को लिखित प्रार्थना पत्र देकर किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं कराने का अनुरोध किया। परिजनों के आग्रह पर शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और वे दोनों शव अपने साथ ले गए।








