शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़ (सहारनपुर)। राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य) के राष्ट्रीय संयोजक शेर सिंह राणा ने टाबर गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यूजीसी से जुड़े प्रावधानों, एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं। उन्होंने यूजीसी से संबंधित व्यवस्था को अन्यायकारी बताते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की। यूजीसी से जुड़े मुद्दे को लेकर राणा के ऐसे विरोध की हालिया रिपोर्टें भी सामने आई हैं।
शेर सिंह राणा ने कहा कि उनके अनुसार यूजीसी से संबंधित प्रस्ताव की आवश्यकता को लेकर देशभर में पर्याप्त मांग नहीं थी, इसके बावजूद इसे लागू करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट को लेकर भी अपनी आपत्तियां व्यक्त कीं और कहा कि कानून के प्रावधानों को लेकर समाज के एक वर्ग में असंतोष है।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आरक्षण की अवधि को लेकर संविधान में निर्धारित व्यवस्था के बावजूद इसे लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सामान्य वर्ग के लोगों से अपने अधिकारों और मांगों को लेकर एकजुट होने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखने की अपील की।
शेर सिंह राणा इससे पहले भी यूजीसी से संबंधित मुद्दे को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी राय रख चुके हैं। सितंबर 2026 में बिजनौर में हुए एक धरना-प्रदर्शन के दौरान उन्होंने यूजीसी से जुड़े फैसलों पर सरकार से पुनर्विचार की मांग की थी।
कार्यक्रम में मा. ईश्वर सिंह, सहारनपुर जिलाध्यक्ष अभिमन्यु पुंडीर, जिला संगठन मंत्री विजेंद्र सोम, पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रभारी, अभिषेक चौहान, अध्यक्ष मेरठ मंडल, ठाकुर रामवीर सिंह, प्रमोद राणा, बल सिंह चौहान, भीम सिंह चौहान, ठाकुर पवन सिंह, अमित चौहान, गुड्डू राणा, गौरव चौहान कुतुबपुर और भूपेश सोम आदि मौजूद रहे।
शेर सिंह राणा पूर्व में फूलन देवी हत्याकांड और अफगानिस्तान के गजनी से सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां भारत लाने के मामले के कारण भी चर्चा में रहे हैं।








